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साले की बरीक्षा से लौट रहा था चिकित्सक परिवार

Wed, 15 Jun 2022 12:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 12:27 AM IST
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Doctor family was returning from brother-in-law's review
अंबेडकरनगर। वैवाहिक आयोजन की खुशियों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुए हादसे ने गम में तब्दील कर दिया। सड़क हादसे में जिस चिकित्सक के पुत्र और तीन रिश्तेदारों की जान चली गई, वे पत्नी और पुत्र समेत रिश्तेदारों के साथ अपने साले की बरीक्षा में शिरकत करने के बाद लखनऊ लौट रहे थे। हादसे का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह भी रहा कि चिकित्सक की साली और उसके पिता को पहले ट्रेन से जाना था, लेकिन वे लोग बाद में एसयूवी से ही जाने को तैयार हो गए।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे में अपनों को खो देने वाले चिकित्सक डॉ. डीके वर्मा परिजनों के साथ तीन दिन पहले अपने साले की बरीक्षा में भाग लेने बलिया जनपद के बांसडीह गए थे। बलिया के ही बघेवा मूल निवासी डीके वर्मा मंगलवार को अपनी ससुराल से ही लखनऊ के लिए वापस निकले थे।
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वे लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित राज्य बीमा निगम के अस्पताल में तैनात थे। बरीक्षा का आयोजन हंसी खुशी के माहौल में निपटने के बाद भी रिश्तेदारों संग समय बिताने के लिए वे वहां रुक गए थे। ससुराल से निकलने तक उल्लास का जो माहौल था, वह कुछ देर बाद ही सुल्तानपुर जनपद में दुर्गा खालिसपुर के निकट पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे से काफूर हो गया।
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पहले ट्रेन से जाना था सुप्रिया और उसके पिता को
इसे काल की क्रूर नियति ही कहेंगे कि जान गंवा देने वाली चिकित्सक की साली सुप्रिया और उसके पिता श्यामनारायण ( चिकित्सक के बड़े साढ़ू) को उसी वैवाहिक आयोजन में भागीदारी के बाद ट्रेन से कानपुर जाना था। दोनों का ट्रेन से जाना तय होने के बाद कार्यक्रम अचानक बदल गया। वे दोनों भी चिकित्सक की एसयूवी में लखनऊ तक के लिये सवार हो गए। इन दोनों की मौत के बाद रोते पीटते परिजन कह रहे कि काश ट्रेन से ही यह लोग कानपुर के लिए निकले होते। बताते चलें कि सुप्रिया का विवाह दो वर्ष पहले ही कानपुर निवासी धीरेंद्र वर्मा के साथ हुआ था। उसे ससुराल पहुंचाने ही श्याम नारायण जा रहे थे। सुप्रिया के पिता बलिया के देवकाली विद्यापीठ में शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे।

बेटे के साथ तीन रिश्तेदारों को खोया
चिकित्सक डॉ. डीके वर्मा ने हादसे में जहां अपने पुत्र अभिज्ञान को खो दिया, वहीं उनके बड़े साढ़ू श्याम नारायण की हादसे के बाद सुल्तानपुर में ही मौत हो गई। चिकित्सक की साली सुप्रिया को अंबेडकरनगर जिला अस्पताल लाये जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सक के बेटे अभिज्ञान को भी यहीं लाये जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। गंभीर घायल चिकित्सक और उनकी पत्नी सीमा को अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेजा गया है।
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