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UP: पंचायत चुनाव से पहले खुलने लगी पोल, वित्तीय अनियमितता पर डीएम की बड़ी कार्रवाई; दो प्रधानों के अधिकार सीज
Thu, 19 Feb 2026 06:57 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Feb 2026 06:57 PM IST
सार
यूपी पंचायत चुनाव से पहले प्रधानों की पोल खुलने लगी है। अंबेडकरनगर में वित्तीय अनियमितता पर डीएम ने दो प्रधानों के अधिकार सीज किए हैं। मनरेगा में गड़बड़ी और भाई की फर्म पर आपूर्ति कराने के आरोप हैं। जांच में दोनों दोषी पाए गए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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विस्तार
यूपी के अंबेडकरनगर में ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों में अनियमितता व सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में डीएम ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दो प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। दोनों मामलों में जांच अधिकारियों को अंतिम जांच के निर्देश दिए हैं।
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प्रभारी डीपीआरओ अनिल सिंह ने बताया कि टांडा ब्लॉक के फरीदपुर कुतुब निवासी इरशाद आलम ने ग्राम प्रधान अनीस पर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में मनमानी के आरोप लगाए थे। प्रधान ने निर्माण सामग्री का भुगतान अपने भाई की फर्म पर भेज दिया था।
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शिकायत पर मामले की जांच कमेटी बनाकर कराई गई थी। टीम ने ग्राम प्रधान को उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम के तहत दोषी पाया था। इस पर डीएम अनुपम शुक्ला की ओर से नोटिस भेजा गया था। लेकिन, प्रधान कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।
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इसी प्रकार अकबरपुर ब्लॉक की सिकरोहर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग करने का ग्राम प्रधान रेखा देवी पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया था। जांच में शिकायत सही पाई गई। डीएम ने पूरे मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योत्सना बंधु से विस्तृत जांच कराई।
ग्राम प्रधान की ओर से सरकारी धन का दुरुपयोग करने व अपने पद का निवर्हन सही से न करने के कारण उनके अधिकारों को सीज कर दिया गया है। प्रभारी डीपीआरओ ने बताया कि अधिकार सीज होने के बाद अब जल्द ही यहां विकास कार्य जारी रखने के लिए संचालन समिति का गठन किया जाएगा।