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स्वाइन फ्लू से निपटने को जिला अस्पताल तैयार
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अंबेडकरनगर। प्रदेश के कई जिलों में बढ़े स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए जिले में भी तैयारियां चाक-चौबंद होना शुरू हो गई हैं। जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में स्वाइन फ्लू के मरीजों लिए 10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता का भी दावा भी जिला अस्पताल प्रशासन कर रहा है। चिकित्सकों ने आम नागरिकों को स्वाइन फ्लू से बचने व उसके प्राथमिक उपचार के बारे में भी एडवाइजरी जारी की है।
बीते दिनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सख्त निर्देश दिए थे। कहा था कि लखनऊ व कानपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में सभी अस्पतालों में ऐसे मरीजों के उपचार के लिए बेहतर व्यवस्था की जाए। डिप्टी सीएम के निर्देश का असर जिला अस्पताल में भी देखने को मिल रहा है।
जिला अस्पताल प्रबंधक डॉ. हर्षित गुप्त ने बताया कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। 27 बेड वाले पीकू वार्ड में 10 बेड स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में संबंधित दवाएं, पीपीई किट, ग्लब्स सहित अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध हैं। फिलहाल जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित कोई मरीज सामने नहीं आया है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीपी वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के कई सामान्य लक्षण हैं। बुखार, खांसी, दर्द, नाक बहना, तेज ठंड का लगना, नाक बंद हो जाना, गले में खराश, कमजोरी, शरीर में दर्द व उल्टी आना आदि इसके लक्षण हैं।
बच्चों, गर्भवती व बुजुर्गों के लिए समय पर उपचार न होने से यह घातक हो जाता है। ऐसे में यदि इस तरह के लक्षण महसूस हों तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। एचवन, एनवन की जांच कराएं। जुकाम व बुखार से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाएं। यदि कोई संक्रमित हो तो उसे परिवार से अलग रखें। चिकित्सक के बताए अनुसार उसका समुचित उपचार व देखभाल करें।
स्वाइन फ्लू का कोई मरीज अब तक जिले में नहीं मिला है। इस मर्ज के उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। अस्पताल में 10 बेड भी आरक्षित हैं। स्वाइन फ्लू संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है। इससे घबराने के बजाए सिर्फ एहतियात बरतने की जरूरत है।
-डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल
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बीते दिनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सख्त निर्देश दिए थे। कहा था कि लखनऊ व कानपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में सभी अस्पतालों में ऐसे मरीजों के उपचार के लिए बेहतर व्यवस्था की जाए। डिप्टी सीएम के निर्देश का असर जिला अस्पताल में भी देखने को मिल रहा है।
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जिला अस्पताल प्रबंधक डॉ. हर्षित गुप्त ने बताया कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। 27 बेड वाले पीकू वार्ड में 10 बेड स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में संबंधित दवाएं, पीपीई किट, ग्लब्स सहित अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध हैं। फिलहाल जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित कोई मरीज सामने नहीं आया है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीपी वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के कई सामान्य लक्षण हैं। बुखार, खांसी, दर्द, नाक बहना, तेज ठंड का लगना, नाक बंद हो जाना, गले में खराश, कमजोरी, शरीर में दर्द व उल्टी आना आदि इसके लक्षण हैं।
बच्चों, गर्भवती व बुजुर्गों के लिए समय पर उपचार न होने से यह घातक हो जाता है। ऐसे में यदि इस तरह के लक्षण महसूस हों तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। एचवन, एनवन की जांच कराएं। जुकाम व बुखार से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाएं। यदि कोई संक्रमित हो तो उसे परिवार से अलग रखें। चिकित्सक के बताए अनुसार उसका समुचित उपचार व देखभाल करें।
स्वाइन फ्लू का कोई मरीज अब तक जिले में नहीं मिला है। इस मर्ज के उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। अस्पताल में 10 बेड भी आरक्षित हैं। स्वाइन फ्लू संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है। इससे घबराने के बजाए सिर्फ एहतियात बरतने की जरूरत है।
-डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल