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दौड़भाग कर हो रहे निराश, नहीं मिल रहा न्याय
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अंबेडकरनगर। संपूर्ण समाधान दिवसों के आयोजन के बाद भी फरियादियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उन्हें मामलों के निस्तारण के लिए लगातार भटकना पड़ रहा है। कोई पैमाइश के लिए तहसीलों का चक्कर लगा रहा है तो रुकी हुई जल निकासी को बहाल करवाने के लिए परेशान है। भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में भी कई जगह कार्रवाई के लिए फरियादी परेशान हैं।
कभी तहसीलों का चक्कर तो कभी जिलास्तरीय अधिकारियों का चक्कर लगाने के बावजूद न्याय से दूरी बनी हुई है। ऐसे फरियादियों से शनिवार को बात की गई तो उनका दर्द उभरकर सामने आ गया। मामले में एडीएम अशोक कनौजिया ने बताया कि सभी शिकायतों का निस्तारण तेजी से कराया जा रहा है। कोशिश रहती है कि मौके पर ही या तो समस्या हल हो जाए या फिर टीम भेजकर निस्तारण कराया जाए। पुराने मामलों का निस्तारण कराने पर ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।
चार वर्ष में नहीं हो पाई पैैमाइश
अकबरपुर तहसील मुख्यालय पर शिकायती पत्र देकर बाहर निकले सीहमऊ मोलनापुर निवासी रामलौट ने कहा कि वह बीते चार वर्ष से भूखंड की पैमाइश के लिए दौड़ रहा है, लेकिन अब तक कोई भी गंभीरता इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा नहीं दिखाई गई। 20 बार संपूर्ण समाधान दिवस, जबकि 12 बार थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही स्थानीय प्रशासन से लेकर जिलास्तर तक के अधिकारियों तक की दौड़ लगाई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ी।
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नहीं खुल पा रही जलनिकासी
दुक्खर परमरुदायन गांव निवासी दिलीप कुमार ने अकबरपुर तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायती पत्र सौंपने के बाद कहा कि गांव के ही कुछ लोगों ने जलनिकासी अवरुद्ध कर दी है। नाली तोड़कर उसे मिट्टी से पाट दिया है। इसकी शिकायत तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में, दो बार थाना समाधान दिवस में दर्ज कराई गई। इसके बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
नहीं मिला तालाब पर कब्जा
जलालपुर तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे सैरपुर उमरन निवासी संदीप ने कहा कि वर्ष 2021 में मत्स्य पालन के लिए उसे तालाब का पट्टा दिया गया थ। तालाब के कुछ हिस्से पर तो मुझे कब्जा दिलाया गया, लेकिन शेष पर अब भी दूसरों का कब्जा बना हुआ है। पूरे तालाब पर कब्जा तो नहीं मिला, लेकिन लगान पूरे तालाब का देना पड़ रहा है। इससे आर्थिक चपत लग रही है। 10 बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की है, सुनवाई नहीं हुई।
चार वर्ष से नहीं मिला न्याय
भीटी तहसील मुुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराने पहुंची नीलम सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि द्वारा उसके घर के सामने स्थित पेड़ को जबरन कटवा दिया गया। कार्रवाई के लिए तब से अब तक 25 बार संपूर्ण समाधान दिवस, जबकि 12 बार थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराया। अब तक न तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई हुई और न ही किसी प्रकार का मुआवजा ही मिला। इस बार बड़ी उम्मीदों के साथ आए हैं। शायद न्याय मिल ही जाए।
तीन वर्ष में भी नहीं मिला कब्जा
भीटी तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायती पत्र देकर बाहर निकलीं हीड़ी पकडिय़ा निवासी प्रतिमा पाल ने कहा कि वर्ष 2019 में उसने एक भूमि का बैनामा कराया था। जिससे बैनामा कराया था, उसनेे अब तक अपना कब्जा नहीं छोड़ा है। जब भी इसके लिए कहा जाता है, तो अभद्रता करने के साथ ही विभिन्न प्रकार की धमकी दी जाती है। न्याय के लिए 18 बार संपूर्ण समाधान दिवस, जबकि 14 बार थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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कभी तहसीलों का चक्कर तो कभी जिलास्तरीय अधिकारियों का चक्कर लगाने के बावजूद न्याय से दूरी बनी हुई है। ऐसे फरियादियों से शनिवार को बात की गई तो उनका दर्द उभरकर सामने आ गया। मामले में एडीएम अशोक कनौजिया ने बताया कि सभी शिकायतों का निस्तारण तेजी से कराया जा रहा है। कोशिश रहती है कि मौके पर ही या तो समस्या हल हो जाए या फिर टीम भेजकर निस्तारण कराया जाए। पुराने मामलों का निस्तारण कराने पर ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।
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चार वर्ष में नहीं हो पाई पैैमाइश
अकबरपुर तहसील मुख्यालय पर शिकायती पत्र देकर बाहर निकले सीहमऊ मोलनापुर निवासी रामलौट ने कहा कि वह बीते चार वर्ष से भूखंड की पैमाइश के लिए दौड़ रहा है, लेकिन अब तक कोई भी गंभीरता इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा नहीं दिखाई गई। 20 बार संपूर्ण समाधान दिवस, जबकि 12 बार थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही स्थानीय प्रशासन से लेकर जिलास्तर तक के अधिकारियों तक की दौड़ लगाई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ी।
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नहीं खुल पा रही जलनिकासी
दुक्खर परमरुदायन गांव निवासी दिलीप कुमार ने अकबरपुर तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायती पत्र सौंपने के बाद कहा कि गांव के ही कुछ लोगों ने जलनिकासी अवरुद्ध कर दी है। नाली तोड़कर उसे मिट्टी से पाट दिया है। इसकी शिकायत तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में, दो बार थाना समाधान दिवस में दर्ज कराई गई। इसके बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
नहीं मिला तालाब पर कब्जा
जलालपुर तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे सैरपुर उमरन निवासी संदीप ने कहा कि वर्ष 2021 में मत्स्य पालन के लिए उसे तालाब का पट्टा दिया गया थ। तालाब के कुछ हिस्से पर तो मुझे कब्जा दिलाया गया, लेकिन शेष पर अब भी दूसरों का कब्जा बना हुआ है। पूरे तालाब पर कब्जा तो नहीं मिला, लेकिन लगान पूरे तालाब का देना पड़ रहा है। इससे आर्थिक चपत लग रही है। 10 बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की है, सुनवाई नहीं हुई।
चार वर्ष से नहीं मिला न्याय
भीटी तहसील मुुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराने पहुंची नीलम सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि द्वारा उसके घर के सामने स्थित पेड़ को जबरन कटवा दिया गया। कार्रवाई के लिए तब से अब तक 25 बार संपूर्ण समाधान दिवस, जबकि 12 बार थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराया। अब तक न तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई हुई और न ही किसी प्रकार का मुआवजा ही मिला। इस बार बड़ी उम्मीदों के साथ आए हैं। शायद न्याय मिल ही जाए।
तीन वर्ष में भी नहीं मिला कब्जा
भीटी तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायती पत्र देकर बाहर निकलीं हीड़ी पकडिय़ा निवासी प्रतिमा पाल ने कहा कि वर्ष 2019 में उसने एक भूमि का बैनामा कराया था। जिससे बैनामा कराया था, उसनेे अब तक अपना कब्जा नहीं छोड़ा है। जब भी इसके लिए कहा जाता है, तो अभद्रता करने के साथ ही विभिन्न प्रकार की धमकी दी जाती है। न्याय के लिए 18 बार संपूर्ण समाधान दिवस, जबकि 14 बार थाना समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।