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Ambedkar Nagar News: ग्राम पंचायतों में खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी, हुनर को मिलेगी उड़ान
Mon, 08 Sep 2025 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:09 AM IST
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अंबेडकरनगर। जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर बाल व किशोर पुस्तकालयों की स्थापना के प्रथम चरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिला स्तरीय समिति ने चयनित पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया है। इसके लिए पुस्तकों के क्रय की रूपरेखा तय कर दी गई है।
जिला स्तरीय समिति ने स्पष्ट किया है कि पुस्तकों की खरीद पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। निर्धारित बजट का 50 प्रतिशत भाग नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें होंगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत में शासकीय व अन्य मान्यता प्राप्त प्रकाशकों की पुस्तकें शामिल की जाएंगी।
पुस्तकालयों में केवल सामान्य साहित्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राष्ट्रनायकों और शहीदों की जीवनियों के साथ-साथ क्षेत्रीय लेखकों, कवियों और प्रतिष्ठित विद्वानों की रचनाएं भी संग्रह में शामिल होंगी। छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों को भी जगह दी जाएगी।
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महिलाओं व बाल साहित्य से जुड़ी पुस्तकें भी संग्रह का हिस्सा होंगी। जिससे हर वर्ग को लाभ मिल सके। पुस्तकों का चयन करते समय सामग्री की गुणवत्ता, सामर्थ्य मूल्य और भाषा की सरलता को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि ग्रामीण बच्चों और किशोरों को सहज व उपयोगी सामग्री उपलब्ध हो सके।
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जिला स्तरीय समिति ने स्पष्ट किया है कि पुस्तकों की खरीद पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। निर्धारित बजट का 50 प्रतिशत भाग नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें होंगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत में शासकीय व अन्य मान्यता प्राप्त प्रकाशकों की पुस्तकें शामिल की जाएंगी।
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पुस्तकालयों में केवल सामान्य साहित्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राष्ट्रनायकों और शहीदों की जीवनियों के साथ-साथ क्षेत्रीय लेखकों, कवियों और प्रतिष्ठित विद्वानों की रचनाएं भी संग्रह में शामिल होंगी। छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों को भी जगह दी जाएगी।
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महिलाओं व बाल साहित्य से जुड़ी पुस्तकें भी संग्रह का हिस्सा होंगी। जिससे हर वर्ग को लाभ मिल सके। पुस्तकों का चयन करते समय सामग्री की गुणवत्ता, सामर्थ्य मूल्य और भाषा की सरलता को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि ग्रामीण बच्चों और किशोरों को सहज व उपयोगी सामग्री उपलब्ध हो सके।