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Ambedkar Nagar News: ई-खसरा की पड़ताल से मिलेगा फसलों का ब्योरा
Wed, 29 Jan 2025 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:14 PM IST
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अंबेडकरनगर। फसलों की बोआई और उत्पादन की सटीक जानकारी के लिए ई-खसरा पड़ताल शुरू हो गई है। अब तक 48 हजार ई-खसरा की जांच हो चुकी है। इस कार्य में 1085 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो गांव-गांव जाकर एप पर ब्योरा अपलोड करेंगे। फसल के आधार पर किसानों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि इसका लाभ उन्हें सीधा मिल सके।
वर्तमान में जिले में चार लाख 61 हजार किसान खेती कर रहे हैं। इसमें गेहूं, धान व गन्ना के अलावा दलहन, तिलहन व औद्योगिक फसलों की बोआई की जाती है। कृषि विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ा औसत एवं क्राॅप कटिंग के आधार पर तय किया जाता है।
इससे सटीक क्षेत्रफल व उत्पादन नहीं मिलता। यही वजह है कि खरीफ, रबी के समय किसानों को बीज, खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने ई-खसरा पड़ताल एप के माध्यम से क्रॉप सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, कृषि सखी, कृषि विभाग के कर्मचारी व राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह कार्य 15 फरवरी तक पूरा किया जाना है।
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अफसरों के मुताबिक जिले में 11 लाख 40 हजार खसरा का सर्वे किया जाना है। इसके सापेक्ष 48 हजार खसरा की जांच की जा चुकी है।
ये सहूलियतें मिलेंगी
ई-खसरा पड़ताल से मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई एक्सपेरिमेंट का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार सत्यापन कराने के झंझट से निजात मिलेगी। कृषि आधारित उद्योगों को कृषि उत्पादों के बारे में समय से सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। किसानों को संस्थागत विपणन से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
किस तहसील में कितने कर्मियों की लगी डयूटी
तहसील
संख्या
टांडा
190
आलापुर 344
जलालपुर 265
अकबरपुर 183
भींटी 202
ई-खसरा पड़ताल का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि इसकी रिपोर्ट केंद्र व प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी। जल्द ही रबी में बोई गई फसलों का ब्योरा जुटा लिया जाएगा। -डाॅ. अश्वनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक
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वर्तमान में जिले में चार लाख 61 हजार किसान खेती कर रहे हैं। इसमें गेहूं, धान व गन्ना के अलावा दलहन, तिलहन व औद्योगिक फसलों की बोआई की जाती है। कृषि विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ा औसत एवं क्राॅप कटिंग के आधार पर तय किया जाता है।
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इससे सटीक क्षेत्रफल व उत्पादन नहीं मिलता। यही वजह है कि खरीफ, रबी के समय किसानों को बीज, खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने ई-खसरा पड़ताल एप के माध्यम से क्रॉप सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, कृषि सखी, कृषि विभाग के कर्मचारी व राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह कार्य 15 फरवरी तक पूरा किया जाना है।
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अफसरों के मुताबिक जिले में 11 लाख 40 हजार खसरा का सर्वे किया जाना है। इसके सापेक्ष 48 हजार खसरा की जांच की जा चुकी है।
ये सहूलियतें मिलेंगी
ई-खसरा पड़ताल से मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई एक्सपेरिमेंट का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार सत्यापन कराने के झंझट से निजात मिलेगी। कृषि आधारित उद्योगों को कृषि उत्पादों के बारे में समय से सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। किसानों को संस्थागत विपणन से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
किस तहसील में कितने कर्मियों की लगी डयूटी
तहसील
संख्या
टांडा
190
आलापुर 344
जलालपुर 265
अकबरपुर 183
भींटी 202
ई-खसरा पड़ताल का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि इसकी रिपोर्ट केंद्र व प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी। जल्द ही रबी में बोई गई फसलों का ब्योरा जुटा लिया जाएगा। -डाॅ. अश्वनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक