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नहीं रहे पूर्व विधायक अजीमुलहक
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फोटो 8, अजीमुलहक पहलवान पूर्व विधायक फाइल फोटो।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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टांडा/बसखारी। पूर्व विधायक व वरिष्ठ सपा नेता अजीमुलहक पहलवान का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पुत्र के साथ वे लखनऊ के लिए निकले ही थे कि तभी हृदयगति रुक गई। पूर्व विधायक के निधन की सूचना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शोक संवेदना प्रकट करने के लिए जुटने लगे। इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं व गणमान्य नागरिकों ने पहलवान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वे सभी उनके परिवार के साथ खड़े हैं।
बीते काफी समय से बीमार चल रहे पूर्व विधायक अजीमुलहक पहलवान ने मंगलवार सुबह साढ़े 9 बजे अंतिम सांस ली। लंबे समय से वह मधुमेह रोग से पीड़ित थे। लगभग तीन माह पूर्व हार्ट अटैक होने पर उन्हें राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया गया था। तबियत में सुधार होने पर उन्हें पैतृक गांव टांडा तहसील अन्तर्गत भूलेपुर परिवारीजन लेकर चले गए थे। मंगलवार सुबह एक बार फिर उनकी तबियत अचानक बिगडने लगी। परिवारीजन उन्हें लखनऊ ले जाने के लिए निकले ही थे कि कुछ दूरी पर ही उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शोक संवेदना प्रकट करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं व गणमान्य नागरिकों का उनके आवास पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि लॉकडाउन के चलते अधिक भीड़ नहीं लगने दी गई।
पूर्व विधायक के निधन पर सपा जिलाध्यक्ष रामशकल यादव, एमएलसी हीरालाल यादव, जलालपुर विधायक सुभाष राय, पूर्व विधायक राममूर्ति वर्मा व भीमप्रसाद सोनकर, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर सिंह बग्गा, वरिष्ठ व्यापारी नेता रमेश सेठ, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामकुमार पाल, कांग्रेस नेता सै. मेराजुद्दीन किछौछवी, रेहान जैदी, भाजपा नेता रूद्रप्रसाद उपाध्याय, ब्लाक प्रमुख रामनगर बलराम गौतम, कांग्रेस नेता अच्छन खान आदि ने शोक संवेदना प्रकट की।
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कहा गया कि दुख की इस घड़ी में वे सभी परिवारीजनों के साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि अजीमुलहक पहलवान जिले में सपा के बड़े नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्हें चार बार सपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट दिया था। वर्ष 2012 में ही उन्हें विधायक बनने का मौका मिला। पहलवान उस समय खासी चर्चा में आए थे जब टांडा के प्रसिद्घ हिंदूवादी नेता रामबाबू गुप्त की हत्या में उनका नाम उछला था। कुछ दिन बाद ही रामबाबू के भतीजे राममोहन की हत्या में उनके विरुद्घ केस तक दर्ज हो गया था। मंगलवार शाम परिवार के सदस्यों व सीमित नागरिकों के बीच उन्हें भूलेपुर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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बीते काफी समय से बीमार चल रहे पूर्व विधायक अजीमुलहक पहलवान ने मंगलवार सुबह साढ़े 9 बजे अंतिम सांस ली। लंबे समय से वह मधुमेह रोग से पीड़ित थे। लगभग तीन माह पूर्व हार्ट अटैक होने पर उन्हें राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया गया था। तबियत में सुधार होने पर उन्हें पैतृक गांव टांडा तहसील अन्तर्गत भूलेपुर परिवारीजन लेकर चले गए थे। मंगलवार सुबह एक बार फिर उनकी तबियत अचानक बिगडने लगी। परिवारीजन उन्हें लखनऊ ले जाने के लिए निकले ही थे कि कुछ दूरी पर ही उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शोक संवेदना प्रकट करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं व गणमान्य नागरिकों का उनके आवास पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि लॉकडाउन के चलते अधिक भीड़ नहीं लगने दी गई।
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पूर्व विधायक के निधन पर सपा जिलाध्यक्ष रामशकल यादव, एमएलसी हीरालाल यादव, जलालपुर विधायक सुभाष राय, पूर्व विधायक राममूर्ति वर्मा व भीमप्रसाद सोनकर, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर सिंह बग्गा, वरिष्ठ व्यापारी नेता रमेश सेठ, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामकुमार पाल, कांग्रेस नेता सै. मेराजुद्दीन किछौछवी, रेहान जैदी, भाजपा नेता रूद्रप्रसाद उपाध्याय, ब्लाक प्रमुख रामनगर बलराम गौतम, कांग्रेस नेता अच्छन खान आदि ने शोक संवेदना प्रकट की।
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कहा गया कि दुख की इस घड़ी में वे सभी परिवारीजनों के साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि अजीमुलहक पहलवान जिले में सपा के बड़े नेता के रूप में जाने जाते थे। उन्हें चार बार सपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट दिया था। वर्ष 2012 में ही उन्हें विधायक बनने का मौका मिला। पहलवान उस समय खासी चर्चा में आए थे जब टांडा के प्रसिद्घ हिंदूवादी नेता रामबाबू गुप्त की हत्या में उनका नाम उछला था। कुछ दिन बाद ही रामबाबू के भतीजे राममोहन की हत्या में उनके विरुद्घ केस तक दर्ज हो गया था। मंगलवार शाम परिवार के सदस्यों व सीमित नागरिकों के बीच उन्हें भूलेपुर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।