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26 हजार छात्र-छात्राओं का नहीं मिल रहा डाटा
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अंबेडकरनगर। बीते सत्र के 26 हजार छात्र-छात्राओं का डाटा अब तक बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध नहीं हो पाया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि खामियों को छिपाने के लिए ही ऐसे बच्चों के विवरण को जानबूझ कर सामने नहीं लाया जा रहा है। इसी कारण विभागीय वेबसाइट पर अभी तक इन बच्चों को ड्रेस के साथ ही जूता मोजा, स्कूली बैग व स्वेटर मिलने से वंचित बताया जा रहा है।
वर्तमान में नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी बीते सत्र से जुड़े 26 हजार छात्र-छात्राओं का विवरण डीबीटी योजना के लाभार्थियों के बतौर प्रदर्शित नहीं हो रहा है। जिले के 1852 परिषदीय विद्यालय में बीते शिक्षा सत्र में चयनित 2.15 लाख छात्र-छात्राओं को दो जोड़ी ड्रेस, जूता मोजा, स्कूली बैग, स्वेटर के लिए डीबीटी योजना के तहत उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेजे जाने थे।
इनमें से 1.89 लाख अभिभावकों के खाते में योजना के तहत 1100 रुपये भेजे गए। विभागीय लापरवाही के चलते हजारों छात्र-छात्राएं डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर योजना के तहत राशि न मिल पाने के कारण इसका फायदा उठाने से वंचित रहे। जानकारों की माने तो वित्तीय सहायता प्राप्त कुछ विद्यालयों की तरफ से ऐसे बच्चों के नाम भेज दिये गये, जो पहले से परिषदीय विद्यालयों से संबद्ध हैं। ऐसे में दोबारा उनका डाटा फीड नहीं हो सकता।
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आधार से लिंकअप नहीं है बैंक खाता
बीएसए कार्यालय के अनुसार जिन 26 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर योजना के तहत राशि नहीं भेेजी जा सकी, इसका मुख्य कारण आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक न होना है। इसके अलावा बीते दिनों कुछ बैंकों का विलय हुआ है। इसके चलते भी आधार का बैंक खाते से लिंक नहीं हो सका। योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके, इसके लिए उनके अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे जल्द से जल्द आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करा लें, जिससे योजना के तहत खाते में राशि भेजी जा सके।
खाता लिंक करवाने का निर्देश
जिन 26 हजार छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ नहीं मिल सका है, उनमें लगभग 15 हजार छात्र-छात्राएं सहायता प्राप्त विद्यालय के हैं। सभी को निर्देशित किया गया है कि जल्द ही संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराकर उनकी सूची बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि वंचित बच्चों को भी योजना का लाभ दिलाया जा सके।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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वर्तमान में नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के डेढ़ माह बाद भी बीते सत्र से जुड़े 26 हजार छात्र-छात्राओं का विवरण डीबीटी योजना के लाभार्थियों के बतौर प्रदर्शित नहीं हो रहा है। जिले के 1852 परिषदीय विद्यालय में बीते शिक्षा सत्र में चयनित 2.15 लाख छात्र-छात्राओं को दो जोड़ी ड्रेस, जूता मोजा, स्कूली बैग, स्वेटर के लिए डीबीटी योजना के तहत उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये भेजे जाने थे।
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इनमें से 1.89 लाख अभिभावकों के खाते में योजना के तहत 1100 रुपये भेजे गए। विभागीय लापरवाही के चलते हजारों छात्र-छात्राएं डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर योजना के तहत राशि न मिल पाने के कारण इसका फायदा उठाने से वंचित रहे। जानकारों की माने तो वित्तीय सहायता प्राप्त कुछ विद्यालयों की तरफ से ऐसे बच्चों के नाम भेज दिये गये, जो पहले से परिषदीय विद्यालयों से संबद्ध हैं। ऐसे में दोबारा उनका डाटा फीड नहीं हो सकता।
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आधार से लिंकअप नहीं है बैंक खाता
बीएसए कार्यालय के अनुसार जिन 26 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर योजना के तहत राशि नहीं भेेजी जा सकी, इसका मुख्य कारण आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक न होना है। इसके अलावा बीते दिनों कुछ बैंकों का विलय हुआ है। इसके चलते भी आधार का बैंक खाते से लिंक नहीं हो सका। योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके, इसके लिए उनके अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे जल्द से जल्द आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करा लें, जिससे योजना के तहत खाते में राशि भेजी जा सके।
खाता लिंक करवाने का निर्देश
जिन 26 हजार छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ नहीं मिल सका है, उनमें लगभग 15 हजार छात्र-छात्राएं सहायता प्राप्त विद्यालय के हैं। सभी को निर्देशित किया गया है कि जल्द ही संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराकर उनकी सूची बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि वंचित बच्चों को भी योजना का लाभ दिलाया जा सके।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए