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यात्रियाें की सुरक्षा से कदम-कदम पर खिलवाड़
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2015 11:10 PM IST
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आतंकवादी संगठनों द्वारा बम ब्लास्ट की आशंका के मद्देनजर खुफिया एजेंसियों ने प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है मगर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही थम नहीं रही है। हाल ये है कि संवेदनशील जिलों में शुमार अंबेडकरनगर के अकबरपुर रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम ही नहीं है। न तो जिले की सीमाओं पर सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं और न ही सार्वजनिक स्थानों पर ही पर्याप्त पुलिस बल तैनात हैं। ये हाल तब हैं, जब आने वाले समय में नवरात्र, दुर्गापूजा, दशहरा व मोहर्रम हैं।
फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर शनिवार को टाइम बम मिलने, लखनऊ के मोहनलालगंज में रेल की पटरी काटने और आगरा में ट्रेन में बम की झूठी सूचना के बाद खुफिया एजेंसियों ने आतंकी खतरे को लेकर पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है। मगर शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बाद भी जिले में रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। ऐसा तब है, जबकि अंबेडकरनगर संवेदनशील जनपद में शुमार है। बताते चलें कि विगत वर्षों में अयोध्या में हुए आतंकवादी हमले के आरोपियों ने अंबेडकरनगर में ही शरण ली थी। इसके अलावा भी कई आतंकी घटनाओं में जिले का नाम प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ चुका है। प्रदेश में हाई अलर्ट जारी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए रविवार को जब ‘अमर उजाला टीम’ ने अकबरपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों का जायजा लिया, तो हर जगह सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से बेपरवाही सामने आई। पूर्वांचल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर कदम-कदम पर सुरक्षा को लेकर लापरवाही दिखाई दी। परिसर से लेकर प्लेटफार्म व पार्सल घर तक कहीं भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। पार्सल घर में मुख्य गेट बंद था और वहां एक बकरी बंधी थी। यात्रियों के लगेज की भी कोई चेकिंग नहीं हो रही थी। वहां मौजूद वेंडरों से जब इस संबंध में जानकारी की, तो नाम न छापने की शर्त पर एक वेंडर ने बताया कि यहां यात्रियों के सामान की जांच नहीं की जाती है। ऐसे में किसी आतंकी गतिविधि को यहां आखिर कैसे रोका जा सकता है? इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुरक्षा को लेकर ऐसी ही लापरवाही अकबरपुर बस स्टेशन पर भी दिखाई दी। बस स्टेशन परिसर व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कहीं कोई इंतजाम ही नहीं दिखे। चौराहे पर मात्र दो-तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी ही दिखे, जिनका पूरा ध्यान यातायात सुचारु करने में ही लगा रहा। सार्वजनिक स्थलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं दिखे। जिला मुख्यालय के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे तो लगा दिए गए हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश खराब हैं। इन्हें ठीक कराने की सुध पुलिस प्रशासन को नहीं है। अंबेडकरनगर जनपद से आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर व फैजाबाद की सीमा से सटी हुई है। इन जनपदों की सीमाओं पर भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कोई भी आसानी से जनपद में प्रवेश कर सकता है।
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फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर शनिवार को टाइम बम मिलने, लखनऊ के मोहनलालगंज में रेल की पटरी काटने और आगरा में ट्रेन में बम की झूठी सूचना के बाद खुफिया एजेंसियों ने आतंकी खतरे को लेकर पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है। मगर शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बाद भी जिले में रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। ऐसा तब है, जबकि अंबेडकरनगर संवेदनशील जनपद में शुमार है। बताते चलें कि विगत वर्षों में अयोध्या में हुए आतंकवादी हमले के आरोपियों ने अंबेडकरनगर में ही शरण ली थी। इसके अलावा भी कई आतंकी घटनाओं में जिले का नाम प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ चुका है। प्रदेश में हाई अलर्ट जारी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए रविवार को जब ‘अमर उजाला टीम’ ने अकबरपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों का जायजा लिया, तो हर जगह सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से बेपरवाही सामने आई। पूर्वांचल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर कदम-कदम पर सुरक्षा को लेकर लापरवाही दिखाई दी। परिसर से लेकर प्लेटफार्म व पार्सल घर तक कहीं भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। पार्सल घर में मुख्य गेट बंद था और वहां एक बकरी बंधी थी। यात्रियों के लगेज की भी कोई चेकिंग नहीं हो रही थी। वहां मौजूद वेंडरों से जब इस संबंध में जानकारी की, तो नाम न छापने की शर्त पर एक वेंडर ने बताया कि यहां यात्रियों के सामान की जांच नहीं की जाती है। ऐसे में किसी आतंकी गतिविधि को यहां आखिर कैसे रोका जा सकता है? इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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सुरक्षा को लेकर ऐसी ही लापरवाही अकबरपुर बस स्टेशन पर भी दिखाई दी। बस स्टेशन परिसर व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कहीं कोई इंतजाम ही नहीं दिखे। चौराहे पर मात्र दो-तीन ट्रैफिक पुलिसकर्मी ही दिखे, जिनका पूरा ध्यान यातायात सुचारु करने में ही लगा रहा। सार्वजनिक स्थलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं दिखे। जिला मुख्यालय के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे तो लगा दिए गए हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश खराब हैं। इन्हें ठीक कराने की सुध पुलिस प्रशासन को नहीं है। अंबेडकरनगर जनपद से आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर व फैजाबाद की सीमा से सटी हुई है। इन जनपदों की सीमाओं पर भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कोई भी आसानी से जनपद में प्रवेश कर सकता है।
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