{"_id":"58ff8b824f1c1be617c0c71d","slug":"pregnent-women-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में लापरवाही से गई प्रसूता की जान ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाज में लापरवाही से गई प्रसूता की जान
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
आदमपुर तिंदौली में प्रसूता की मौत के बाद शोक संतप्त परिवारीजन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बरती गई लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। परिवारीजनों ने महिला चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अकबरपुर कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज किए जाने की मांग की है।
अकबरपुर तहसील अंतर्गत आदमपुर तिंदौली गांव निवासी दुष्यंत कुमार चतुर्वेदी ने प्रसव पीड़ा के बाद अपनी पत्नी विनीता (24) को सोमवार दोपहर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसे अपराहन करीब पुत्र पैदा हुआ। दुष्यंत के अनुसार भर्ती कराने से लेकर प्रसव के बाद तक वहां तैनात चिकित्सक डॉ. जयश्री गुप्ता व कर्मचारियों ने पूरी तरह मनमानी की।
इसके चलते ही उनकी पत्नी को रक्तस्राव होने लगा। हालत गंभीर होने पर देर शाम फैजाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। वे सब उसे फैजाबाद ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरा परिवार अचानक सदमे में आ गया और रोना पीटना मच गया।
विज्ञापन
इस बीच मंगलावर शाम को अकबरपुर कोतवाली पहुंचकर दुष्यंत ने पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित तहरीर दी। इसमें कहा गया कि जब वह अपनी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तभी वहां तैनात महिला चिकित्सक के साथ रहने वाले लोगों ने उनके निजी अस्पताल चलकर प्रसव कराने का सुझाव दिया।
पैसा न होने का हवाला देते हुए जिला अस्पताल में ही प्रसव कराने को कहा गया, तो आरोप के अनुसार महिला चिकित्सक ने कहा कि यहां उनकी जिम्मेदारी नहीं होगी।
आरोप में यह भी कहा गया कि महिला चिकित्सक की तरफ से जिला अस्पताल में भी प्रसव के लिए रकम की मांग की गई।
दुष्यंत ने तहरीर में कहा कि इसके बाद जिला अस्पताल में हुए आपरेशन में न सिर्फ लापरवाही बरती गई, वरन आपरेशन के दौरान विनीता की हालत गंभीर होने के बावजूद महिला चिकित्सक उसे छोडक़र अपने निजी क्लिनीक चली गईं।
उधर डॉक्टर जयश्री गुप्ता ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। कहा कि वे अस्पताल में ही मौजूद थीं और यथासंभव उपचार सुनिश्चित हुआ। समय रहते ही महिला को रेफर कर दिया गया था।
इस माम्रले में सीएमएस डा. केएस पांडे ने बताया मंगलवार देर शाम शिकायतीपत्र मिला है। इसमें महिला चिकित्सक व कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। शिकायतीपत्र की जांच सुनिश्चित होगी। इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
अकबरपुर तहसील अंतर्गत आदमपुर तिंदौली गांव निवासी दुष्यंत कुमार चतुर्वेदी ने प्रसव पीड़ा के बाद अपनी पत्नी विनीता (24) को सोमवार दोपहर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसे अपराहन करीब पुत्र पैदा हुआ। दुष्यंत के अनुसार भर्ती कराने से लेकर प्रसव के बाद तक वहां तैनात चिकित्सक डॉ. जयश्री गुप्ता व कर्मचारियों ने पूरी तरह मनमानी की।
विज्ञापन
इसके चलते ही उनकी पत्नी को रक्तस्राव होने लगा। हालत गंभीर होने पर देर शाम फैजाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। वे सब उसे फैजाबाद ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरा परिवार अचानक सदमे में आ गया और रोना पीटना मच गया।
विज्ञापन
इस बीच मंगलावर शाम को अकबरपुर कोतवाली पहुंचकर दुष्यंत ने पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित तहरीर दी। इसमें कहा गया कि जब वह अपनी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तभी वहां तैनात महिला चिकित्सक के साथ रहने वाले लोगों ने उनके निजी अस्पताल चलकर प्रसव कराने का सुझाव दिया।
पैसा न होने का हवाला देते हुए जिला अस्पताल में ही प्रसव कराने को कहा गया, तो आरोप के अनुसार महिला चिकित्सक ने कहा कि यहां उनकी जिम्मेदारी नहीं होगी।
आरोप में यह भी कहा गया कि महिला चिकित्सक की तरफ से जिला अस्पताल में भी प्रसव के लिए रकम की मांग की गई।
दुष्यंत ने तहरीर में कहा कि इसके बाद जिला अस्पताल में हुए आपरेशन में न सिर्फ लापरवाही बरती गई, वरन आपरेशन के दौरान विनीता की हालत गंभीर होने के बावजूद महिला चिकित्सक उसे छोडक़र अपने निजी क्लिनीक चली गईं।
उधर डॉक्टर जयश्री गुप्ता ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। कहा कि वे अस्पताल में ही मौजूद थीं और यथासंभव उपचार सुनिश्चित हुआ। समय रहते ही महिला को रेफर कर दिया गया था।
इस माम्रले में सीएमएस डा. केएस पांडे ने बताया मंगलवार देर शाम शिकायतीपत्र मिला है। इसमें महिला चिकित्सक व कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। शिकायतीपत्र की जांच सुनिश्चित होगी। इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा।