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दहेज हत्या में पति समेत सास व जेठ को उम्रकैद
Amar ujala Bureau
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:28 PM IST
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कोर्ट
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दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक द्वितीय अनिल कुमार ने पति समेत तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6-6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतने का भी फैसला न्यायाधीश ने दिया है।
जैतपुर थाने में वर्ष 2009 में दर्ज कराई प्राथमिकी में राजनेति सिंह ने कहा कि उनकी भतीजी अंशू का विवाह 6 मई 2009 को अमदही निवासी अरविंद सिंह के साथ हुआ था। समुचित दान दहेज के बाद भी अतिरिक्त मांग को लेकर अंशू का उत्पीड़न किया जाता रहा।
इस बीच उसे एक पुत्र भी पैदा हुआ, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। बाद में इलेक्ट्रिक शॉट लगाकर अंशू की हत्या कर दी गई। आनन फानन में उसके दाह संस्कार की तैयारी भी कर ली गई। गांव के प्रधान पति की सूचना पर वे सब पहुंचे तो देखा कि गले में चोट का निशान है।
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पुलिस ने मामले में पति अरविंद, सास शारदा व जेठ संतोष सिंह के विरुद्घ केस दर्ज कर लिया। तीनों को बाद में गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। इन दिनों तीनों आरोपी जमानत पर रिहा चल रहे थे। इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अनिल कुमार ने साक्ष्यों के आधार पर एक दिन पहले सोमवार को तीनों आरोपियों को दोषी पाया। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया।
इस बीच मंगलवार को मामले में सजा की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले को सीधे हत्या के तौर पर कारित होना पाया। उन्होंने ऐसे में तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा दिया।
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जैतपुर थाने में वर्ष 2009 में दर्ज कराई प्राथमिकी में राजनेति सिंह ने कहा कि उनकी भतीजी अंशू का विवाह 6 मई 2009 को अमदही निवासी अरविंद सिंह के साथ हुआ था। समुचित दान दहेज के बाद भी अतिरिक्त मांग को लेकर अंशू का उत्पीड़न किया जाता रहा।
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इस बीच उसे एक पुत्र भी पैदा हुआ, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। बाद में इलेक्ट्रिक शॉट लगाकर अंशू की हत्या कर दी गई। आनन फानन में उसके दाह संस्कार की तैयारी भी कर ली गई। गांव के प्रधान पति की सूचना पर वे सब पहुंचे तो देखा कि गले में चोट का निशान है।
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पुलिस ने मामले में पति अरविंद, सास शारदा व जेठ संतोष सिंह के विरुद्घ केस दर्ज कर लिया। तीनों को बाद में गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। इन दिनों तीनों आरोपी जमानत पर रिहा चल रहे थे। इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अनिल कुमार ने साक्ष्यों के आधार पर एक दिन पहले सोमवार को तीनों आरोपियों को दोषी पाया। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया।
इस बीच मंगलवार को मामले में सजा की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले को सीधे हत्या के तौर पर कारित होना पाया। उन्होंने ऐसे में तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा दिया।