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आवास योजना में लापरवाही पर बीडीओ को कारण बताओ नोटिस
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आवास योजना में लापरवाही पर बीडीओ को नोटिस
अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना को लेकर लापरवाही बरतना खंड विकास अधिकारी जहांगीरगंज को भारी पड़ा। वर्ष 2018-19 में योजना के तहत चयनित 169 आवास के सापेक्ष मात्र एक आवास निर्माण पर नाराज सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारी जहांगीरगंज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना पूरा हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत वर्ष 2018-19 में जिले को 2570 आवास का लक्ष्य दिया गया था। इसमें जहांगीरगंज विकास खण्ड को 169 पात्रों को पक्के आवास का लाभ दिलाया जाना था। योजना के तहत पात्रों का चयन किया गया। स्थलीय सत्यापन के बाद सभी चयनित पात्रों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये की धनराशि भेज दी गई। बताते चलें कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत पात्रों को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाती है।
इस बीच गत 4 जनवरी को सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने जहांगीरगंज विकास खण्ड का औचक निरीक्षण किया। इसमें पाया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत चयनित 169 आवास के सापेक्ष मात्र एक ही आवास पूर्ण हो सका है। जानकारी पर पता चला कि 169 पात्रों के सापेक्ष 109 पात्रों के खाते में द्वितीय, जबकि मात्र 9 के खाते में तृतीय किस्त की धनराशि भेजी जा सकी। सीडीओ ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई थी। कहा कि इस योजना की प्रतिदिन शासनस्तर पर समीक्षा की जाती है। इसके बावजूद यह लापरवाही अक्षम्य है। उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रदीप पांडेय को पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। इस बीच बुधवार को परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारी जहांगीरगंज चंद्रप्रकाश द्विवेदी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं हुआ, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना को लेकर लापरवाही बरतना खंड विकास अधिकारी जहांगीरगंज को भारी पड़ा। वर्ष 2018-19 में योजना के तहत चयनित 169 आवास के सापेक्ष मात्र एक आवास निर्माण पर नाराज सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारी जहांगीरगंज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों का पक्के आवास में रहने का सपना पूरा हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत वर्ष 2018-19 में जिले को 2570 आवास का लक्ष्य दिया गया था। इसमें जहांगीरगंज विकास खण्ड को 169 पात्रों को पक्के आवास का लाभ दिलाया जाना था। योजना के तहत पात्रों का चयन किया गया। स्थलीय सत्यापन के बाद सभी चयनित पात्रों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये की धनराशि भेज दी गई। बताते चलें कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत पात्रों को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाती है।
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इस बीच गत 4 जनवरी को सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने जहांगीरगंज विकास खण्ड का औचक निरीक्षण किया। इसमें पाया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासीय योजना के तहत चयनित 169 आवास के सापेक्ष मात्र एक ही आवास पूर्ण हो सका है। जानकारी पर पता चला कि 169 पात्रों के सापेक्ष 109 पात्रों के खाते में द्वितीय, जबकि मात्र 9 के खाते में तृतीय किस्त की धनराशि भेजी जा सकी। सीडीओ ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई थी। कहा कि इस योजना की प्रतिदिन शासनस्तर पर समीक्षा की जाती है। इसके बावजूद यह लापरवाही अक्षम्य है। उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रदीप पांडेय को पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। इस बीच बुधवार को परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारी जहांगीरगंज चंद्रप्रकाश द्विवेदी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं हुआ, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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