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मण्डी समिति में अवैध वसूली करते कैमरे में कैद हुए पीआरडी जवान
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:52 AM IST
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अंबेडकरनगर। मण्डी समिति अकबरपुर में अवैध वसूली का बड़ा रैकेट काम कर रहा है। मंगलवार को मात्र एक कर्मचारी द्वारा अवैध वसूली का मामला जहां सामने आया था, वहीं बुधवार को कई और वीडियो ने हड़कंप मचा डाला। सिर्फ अमर उजाला के हाथ लगे इस वीडियो में पीआरडी जवान मंडी समिति में अवैध ढंग से प्रवेश करने वाले वाहनों से अवैध वसूली करते साफ देखा गया। मतलब साफ है कि कर्मचारी से लेकर पीआरडी जवानों तक द्वारा की जा रही वसूली के पीछे कई विभागीय अधिकारियों का बड़ा रैकेट काम कर रहा है। माना जा रहा है कि उनकी मिलीभगत के बगैर इस तरह की अवैध वसूली खुलेआम नहीं हो सकती। इस बीच अमर उजाला की खबर प्रकाशित होने के बाद अवैध वसूली की जद में आए कर्मचारी को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
गौरतलब है कि सिर्फ अमर उजाला के हाथ मंगलवार को लगभग आधा दर्जन वीडियो लगे थे, जिसमें नवीन मंडी समिति अकबरपुर में विभागीय कर्मचारी द्वारा अवैध ढंग से वहां स्थापित दुकानदारों से वसूली की जा रही थी। खबर प्रकाशित होते ही बुधवार को विभाग में हड़कंप मच गया। कई अन्य विभागों में भी प्रकरण की गूंज सुनने को मिली। इस बीच बुधवार को अमर उजाला के पास ऐसे कई और वीडियो आ गए, जिसमें और बड़े रैकेट का पर्दाफाश होता दिखा। दरअसल नए वीडियो में बाकायदा परिसर के भीतर सब्जी समेत आलू, प्याज आदि लेकर जा रहे वाहनों से पीआरडी जवानों द्वारा अवैध वसूली होती दिख रही है। वीडियो में साफ दिख रहा कि ई-रिक्शा से लेकर पिकअप तक से सब्जी लेकर मंडी में जा रहे व्यापारियों व चालकों से पीआरडी जवानों द्वारा आगे बढ़कर रकम ली जा रही है। पैसा लेने के बाद पीआरडी जवान वापस लौट आते हैं। कोई नया वाहन आते ही फिर से सड़क पर पहुंचकर हाथ बढ़ा देते हैं। चालक उनकी मुट्ठी गर्म कर आगे बढ़ जाता है। यह वे लोग होते हैं, जो बगैर पंजीयन के मंडी समिति में कारोबार करने पहुंचते हैं। पंजीयन में लगने वाले शुल्क से बचने के लिए ही संबंधित लोगों को ऊपरी रकम देने में कोई परहेज नहीं होता। यह बात अलग है कि पंजीयन न कराने वाले लोगों को भी परिसर में प्रवेश देकर कर्मचारी व पीआरडी जवान राजस्व की भारी क्षति विभाग को लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल में कुछ विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता के चलते ही यह पूरा रैकेट काम कर रहा है। उधर बुधवार को अमर उजाला की खबर प्रकाशित होते ही संबंधित मण्डी अभिरक्षक विजय तिवारी को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
डीएम ने सौंपी एसडीएम सदर को जांच
डीएम सुरेश कुमार ने बुधवार को प्रकरण की जांच एसडीएम सदर अभिषेक पाठक को सौंप दी। डीएम ने कहा कि दोनों तरह के वीडियो सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह भी देखा जाएगा कि किन पर इसे रोकने की जिम्मेदारी थी और किन किन लोगों ने इस जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन नहीं किया। एसडीएम को तीन दिन में पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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खबर छपते ही जांच की हुई सुध
मण्डी समिति में कर्मचारियों व पीआरडी जवानों द्वारा बेखौफ होकर की जा रही वसूली को लेकर विभाग के जो अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे, वे अब अपनी गर्दन बचाने के लिए सक्रिय हो उठे हैं। इसके लिए कई अधिकारियों द्वारा तरह तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच मंडी सचिव अकबरपुर आशीष सिंह ने अवैध वसूली की खबर प्रकाशित होने के बाद मण्डी निरीक्षक रामायण सिंह व दो अन्य कर्मी सालिकराम वर्मा एवं यमुनाप्रसाद की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। सचिव ने समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।
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गौरतलब है कि सिर्फ अमर उजाला के हाथ मंगलवार को लगभग आधा दर्जन वीडियो लगे थे, जिसमें नवीन मंडी समिति अकबरपुर में विभागीय कर्मचारी द्वारा अवैध ढंग से वहां स्थापित दुकानदारों से वसूली की जा रही थी। खबर प्रकाशित होते ही बुधवार को विभाग में हड़कंप मच गया। कई अन्य विभागों में भी प्रकरण की गूंज सुनने को मिली। इस बीच बुधवार को अमर उजाला के पास ऐसे कई और वीडियो आ गए, जिसमें और बड़े रैकेट का पर्दाफाश होता दिखा। दरअसल नए वीडियो में बाकायदा परिसर के भीतर सब्जी समेत आलू, प्याज आदि लेकर जा रहे वाहनों से पीआरडी जवानों द्वारा अवैध वसूली होती दिख रही है। वीडियो में साफ दिख रहा कि ई-रिक्शा से लेकर पिकअप तक से सब्जी लेकर मंडी में जा रहे व्यापारियों व चालकों से पीआरडी जवानों द्वारा आगे बढ़कर रकम ली जा रही है। पैसा लेने के बाद पीआरडी जवान वापस लौट आते हैं। कोई नया वाहन आते ही फिर से सड़क पर पहुंचकर हाथ बढ़ा देते हैं। चालक उनकी मुट्ठी गर्म कर आगे बढ़ जाता है। यह वे लोग होते हैं, जो बगैर पंजीयन के मंडी समिति में कारोबार करने पहुंचते हैं। पंजीयन में लगने वाले शुल्क से बचने के लिए ही संबंधित लोगों को ऊपरी रकम देने में कोई परहेज नहीं होता। यह बात अलग है कि पंजीयन न कराने वाले लोगों को भी परिसर में प्रवेश देकर कर्मचारी व पीआरडी जवान राजस्व की भारी क्षति विभाग को लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल में कुछ विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता के चलते ही यह पूरा रैकेट काम कर रहा है। उधर बुधवार को अमर उजाला की खबर प्रकाशित होते ही संबंधित मण्डी अभिरक्षक विजय तिवारी को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
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डीएम ने सौंपी एसडीएम सदर को जांच
डीएम सुरेश कुमार ने बुधवार को प्रकरण की जांच एसडीएम सदर अभिषेक पाठक को सौंप दी। डीएम ने कहा कि दोनों तरह के वीडियो सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह भी देखा जाएगा कि किन पर इसे रोकने की जिम्मेदारी थी और किन किन लोगों ने इस जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन नहीं किया। एसडीएम को तीन दिन में पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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खबर छपते ही जांच की हुई सुध
मण्डी समिति में कर्मचारियों व पीआरडी जवानों द्वारा बेखौफ होकर की जा रही वसूली को लेकर विभाग के जो अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे, वे अब अपनी गर्दन बचाने के लिए सक्रिय हो उठे हैं। इसके लिए कई अधिकारियों द्वारा तरह तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच मंडी सचिव अकबरपुर आशीष सिंह ने अवैध वसूली की खबर प्रकाशित होने के बाद मण्डी निरीक्षक रामायण सिंह व दो अन्य कर्मी सालिकराम वर्मा एवं यमुनाप्रसाद की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। सचिव ने समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।