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ठंडे बस्ते में पड़ा शौचालय के नाम पर लाखों की धांधली का मामला
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:16 PM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। विकास खंड टांडा के ग्राम बलया जगदीशपुर व भरहा में शौचालय के नाम पर हुए सरकारी धन के गबन के मामले में टांडा कोतवाली पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। मुकदमा दर्ज हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
मामला विकास खंड टांडा के ग्राम बलया जगदीशपुर व भरहा का है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 704 शौचालय का निर्माण कराने के नाम पर धन अवमुक्त किया गया था। इसमें 519 शौचालय का निर्माण कराया जाना बताया जा रहा है। मौके पर स्थिति उसके विपरीत है। इसकी शिकायत भरहा गांव के रामजीत वर्मा ने डीएम सहित अन्य उच्चाधिकारियों से की थी। जांच में पाया गया कि सरकारी राशि 22 लाख 85 हजार 745 रुपये में 190 शौचालय की रकम में तत्कालीन प्रधान सीमा सिंह व सचिव ग्राम पंचायत विनोद कुमार गुप्त प्रथम दृष्टया गबन किये जाने के दोषी हैं। इसमें जिला पंचायतराज अधिकारी ने 3 मई को प्रधान सीमा सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ग्राम प्रधान ने अपने हिस्से का 95 शौचालय का निर्माण कराने की बात कहते हुए लाभार्थी सूची प्रस्तुत कर दी। सचिव ने नोटिस के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया। इस पर सचिव के विरुद्ध कोतवाली में सहायक विकास अधिकारी पंचायत लालजी सिंह ने सरकारी धन के गबन मामले में केस दर्ज कराया। केस दर्ज हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। उधर कोतवाल बृजेश मिश्र का कहना है कि मामले में विवेचना तेजी से कराई जा रही है।
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मामला विकास खंड टांडा के ग्राम बलया जगदीशपुर व भरहा का है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 704 शौचालय का निर्माण कराने के नाम पर धन अवमुक्त किया गया था। इसमें 519 शौचालय का निर्माण कराया जाना बताया जा रहा है। मौके पर स्थिति उसके विपरीत है। इसकी शिकायत भरहा गांव के रामजीत वर्मा ने डीएम सहित अन्य उच्चाधिकारियों से की थी। जांच में पाया गया कि सरकारी राशि 22 लाख 85 हजार 745 रुपये में 190 शौचालय की रकम में तत्कालीन प्रधान सीमा सिंह व सचिव ग्राम पंचायत विनोद कुमार गुप्त प्रथम दृष्टया गबन किये जाने के दोषी हैं। इसमें जिला पंचायतराज अधिकारी ने 3 मई को प्रधान सीमा सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ग्राम प्रधान ने अपने हिस्से का 95 शौचालय का निर्माण कराने की बात कहते हुए लाभार्थी सूची प्रस्तुत कर दी। सचिव ने नोटिस के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया। इस पर सचिव के विरुद्ध कोतवाली में सहायक विकास अधिकारी पंचायत लालजी सिंह ने सरकारी धन के गबन मामले में केस दर्ज कराया। केस दर्ज हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। उधर कोतवाल बृजेश मिश्र का कहना है कि मामले में विवेचना तेजी से कराई जा रही है।
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