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आत्मदाह की आशंका में हिरासत में लिया गया किसान
Updated Mon, 19 Feb 2018 10:16 PM IST
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टांडा। धान बिक्री का भुगतान न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी देने वाले एक किसान को टांडा कोतवाली पुलिस ने बीती रात हिरासत में ले लिया। मामला तूल पकड़ता देख सोमवार को कोतवाली पुलिस किसान को लेकर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंच गई। वहां कई और प्रभावित किसान भी पहुंचे। जल्द ही भुगतान का आश्वासन मिलने पर किसान संतुष्ट हुए। बाद में पकड़े गए किसान को छोड़ दिया गया।
गौरतलब है कि वर्ष 2009-10 में टांडा तहसील क्षेत्र के कई किसानों ने साधन सहकारी समिति चिंतौरा के क्रय केंद्र पर धान की बिक्री की थी। तब से 15 से अधिक किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। बीते दिनों किसानों ने मुख्यमंत्री समेत एसडीएम टांडा को ज्ञापन भेजकर भुगतान कराने की मांग की थी। चेतावनी दी थी कि यदि उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया तो वे लोग आत्मदाह करने को विवश होंगे। इस बीच रविवार को टांडा कोतवाली पुलिस को भनक लगी कि किसान सामूहिक रूप से आत्मदाह करने की तैयारी में हैं। सक्रिय हुई टांडा पुलिस ने पिपरी निवासी किसान सुशील वर्मा को रात में ही अभिरक्षा में ले लिया। इसकी खबर जब अन्य किसानों को लगी तो उनमें आक्रोश भड़क गया। सोमवार को किसानों ने इसके लिए बड़े आंदोलन की तैयारी शुुरू कर दी। इस पर सकते में आयी पुलिस हिरासत में लिए गए किसान को लेकर सीडीओ कार्यालय पहुंची। और भी कई प्रभावित किसान वहां पहुंच गए। अधिकारियों से बातचीत के बाद किसानों को आश्वासन दिया गया कि सुशील का भुगतान सप्ताह भर के अंदर कर दिया जाएगा। अन्य किसानों का भी भुगतान एक माह के अंदर हो जाएगा। सीडीओ ओपी आर्य के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। बाद में हिरासत में लिए गए किसान को छोड़ दिया गया।
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गौरतलब है कि वर्ष 2009-10 में टांडा तहसील क्षेत्र के कई किसानों ने साधन सहकारी समिति चिंतौरा के क्रय केंद्र पर धान की बिक्री की थी। तब से 15 से अधिक किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। बीते दिनों किसानों ने मुख्यमंत्री समेत एसडीएम टांडा को ज्ञापन भेजकर भुगतान कराने की मांग की थी। चेतावनी दी थी कि यदि उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया तो वे लोग आत्मदाह करने को विवश होंगे। इस बीच रविवार को टांडा कोतवाली पुलिस को भनक लगी कि किसान सामूहिक रूप से आत्मदाह करने की तैयारी में हैं। सक्रिय हुई टांडा पुलिस ने पिपरी निवासी किसान सुशील वर्मा को रात में ही अभिरक्षा में ले लिया। इसकी खबर जब अन्य किसानों को लगी तो उनमें आक्रोश भड़क गया। सोमवार को किसानों ने इसके लिए बड़े आंदोलन की तैयारी शुुरू कर दी। इस पर सकते में आयी पुलिस हिरासत में लिए गए किसान को लेकर सीडीओ कार्यालय पहुंची। और भी कई प्रभावित किसान वहां पहुंच गए। अधिकारियों से बातचीत के बाद किसानों को आश्वासन दिया गया कि सुशील का भुगतान सप्ताह भर के अंदर कर दिया जाएगा। अन्य किसानों का भी भुगतान एक माह के अंदर हो जाएगा। सीडीओ ओपी आर्य के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। बाद में हिरासत में लिए गए किसान को छोड़ दिया गया।
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