धर्मेंद्र हत्याकांड में दो को आजीवन कारावास

Lucknow Bureau Updated Fri, 09 Feb 2018 10:17 PM IST
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अंबेडकरनगर। लगभग छह वर्ष पूर्व हुए धर्मेंद्र हत्याकांड में अपर जनपद न्यायाधीश ने दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैै। उन पर पांच पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाने के साथ ही इतनी राशि का ही प्रतिकर भी मृतक के पिता को देने के लिए लगाया गया है।
मामला वर्ष 2011 में आलापुर क्षेत्र का है। हंसवर थाना अंतर्गत गोकुलपुर दायमपुर निवासी श्रीपति ने 11 दिसंबर 2011 को हंसवर थाने में दर्ज कराए केस में बताया कि बीती रात उसके घर स्थानीय किशनलाल व पारस नामक दो युवक आए और उसके पुत्र धर्मेंद्र (20) वर्ष को एक दावत में चलने तथा उसके बाद गोविंदसाहब मेला देखने चलने को कहा। उनका पुत्र उन दोनों के साथ चला गया। रात में धर्मेंद्र वापस नहीं लौटा, तो उन लोगों ने दोनों दोस्तों से पूछताछ की। उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। तहरीर में कहा गया कि अगले दिन सुबह वे सब धर्मेंद्र की तलाश में जा रहे थे, तभी आलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमड़ी मोड़ के निकट लोगों की भीड़ जुटी देखा। नजदीक जाने पर धर्मेंद्र का शव पड़ा मिला। पुलिस ने मामले में बाद में पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया। दोनों ने रंजिश में हत्या की बात स्वीकार की। इसी मामले में अब सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या दो शंकरलाल ने किशनलाल व पारस को मामले में दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के साथ ही पांच पांच हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया। कोर्ट ने इतनी ही राशि का प्रतिकर भी लगाते हुए निर्देशित किया कि इसकी वसूली कर संबंधित राशि मृतक धर्मेंद्र के पिता श्रीपति को दे दी जाए।

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