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दहेज हत्याकांड में पति को आजीवन कारावास की सजा
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:33 PM IST
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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
अंबेडकरनगर। दहेज के लिए चार वर्ष पूर्व हुई महिला की हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अरविन्द कुमार सिंह ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। सास व ससुर को 10-10 वर्ष व दो जेठ को 7-7 वर्ष के कारावास का फैसला सुनाया।
मालीपुर थाने में 15 जून 2013 को दर्ज कराए केस में सुल्तानपुर के करौंदी कला निवासी सुशील उपाध्याय ने कहा था कि पुत्री का विवाह लगभग एक वर्ष पूर्व मालीपुर क्षेत्र के सलाहपुर निवासी धर्मराज मिश्र के पुत्र प्रवेश के साथ किया था। विवाह के बाद से पुत्री को दहेज के लिए प्रताड़ना किया जा रहा था। इस दौरान जलाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक कोर्ट द्वितीय अरविन्द कुमार सिंह ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पति प्रवेश मिश्र को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ससुर धर्मराज मिश्र तथा सास सुभद्रा को 10-10 वर्षव जेठ योगेश उर्फ मोनू एवं प्रमोद उर्फ गुड्डू को 7-7 वर्ष की सजा कोर्ट ने सुनाई।
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सभी पांच अभियुक्तों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्तों को 3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। फैसले में कहा गया कि जमानत से पहले जेल में बितायी गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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अंबेडकरनगर। दहेज के लिए चार वर्ष पूर्व हुई महिला की हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अरविन्द कुमार सिंह ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। सास व ससुर को 10-10 वर्ष व दो जेठ को 7-7 वर्ष के कारावास का फैसला सुनाया।
मालीपुर थाने में 15 जून 2013 को दर्ज कराए केस में सुल्तानपुर के करौंदी कला निवासी सुशील उपाध्याय ने कहा था कि पुत्री का विवाह लगभग एक वर्ष पूर्व मालीपुर क्षेत्र के सलाहपुर निवासी धर्मराज मिश्र के पुत्र प्रवेश के साथ किया था। विवाह के बाद से पुत्री को दहेज के लिए प्रताड़ना किया जा रहा था। इस दौरान जलाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक कोर्ट द्वितीय अरविन्द कुमार सिंह ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पति प्रवेश मिश्र को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ससुर धर्मराज मिश्र तथा सास सुभद्रा को 10-10 वर्षव जेठ योगेश उर्फ मोनू एवं प्रमोद उर्फ गुड्डू को 7-7 वर्ष की सजा कोर्ट ने सुनाई।
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सभी पांच अभियुक्तों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्तों को 3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। फैसले में कहा गया कि जमानत से पहले जेल में बितायी गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।