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शाखा प्रबंधक व अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के निर्देश
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:19 PM IST
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बैंक शाखा प्रबंधक व अन्य पर दर्ज होगा धोखाधड़ी का केस
अंबेडकरनगर। धोखाधड़ी कर बैंक खाते से लगभग 58 लाख रुपये निकाल लिए जाने की शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने यूनियन बैंक आफ इंडिया भियांव के शाखा प्रबंधक व कर्मचारियों के साथ ही एक अन्य के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया लोहरा निवासी नीरज सिंह ने बताया कि उनके चाचा मारकंडेय सिंह की जमीन हाईवे की जद में आने पर उन्हें सरकार से मुआवजे के तौर पर लाखों रुपये मिले थे। मुआवजे की रकम यूनियन बैंक आफ इंडिया की भियांव शाखा में जमा थी। इसी बीच उनके चाचा की तबियत खराब हो गई। उनका एटीएम कार्ड गांव के ही संतोष सिंह ने ले लिया था। इलाज के दौरान ही चाचा की मौत हो गई। क्रियाकर्म के बाद पता चला कि कुल 58 लाख 47 हजार 680 रुपये बैंक कर्मियों की मिलीभगत से संतोष ने निकाल ली है। इस मामले में पुलिस से शिकायत के बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ। इस पर नीरज ने कोर्ट की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस से आवश्यक रिपोर्ट मंगाने के बाद प्रकरण में आरोपी संतोष सिंह व शाखा प्रबंधक समेत बैंक कर्मचारी के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश जैतपुर थाना प्रभारी को दिया।
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अंबेडकरनगर। धोखाधड़ी कर बैंक खाते से लगभग 58 लाख रुपये निकाल लिए जाने की शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने यूनियन बैंक आफ इंडिया भियांव के शाखा प्रबंधक व कर्मचारियों के साथ ही एक अन्य के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया लोहरा निवासी नीरज सिंह ने बताया कि उनके चाचा मारकंडेय सिंह की जमीन हाईवे की जद में आने पर उन्हें सरकार से मुआवजे के तौर पर लाखों रुपये मिले थे। मुआवजे की रकम यूनियन बैंक आफ इंडिया की भियांव शाखा में जमा थी। इसी बीच उनके चाचा की तबियत खराब हो गई। उनका एटीएम कार्ड गांव के ही संतोष सिंह ने ले लिया था। इलाज के दौरान ही चाचा की मौत हो गई। क्रियाकर्म के बाद पता चला कि कुल 58 लाख 47 हजार 680 रुपये बैंक कर्मियों की मिलीभगत से संतोष ने निकाल ली है। इस मामले में पुलिस से शिकायत के बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ। इस पर नीरज ने कोर्ट की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस से आवश्यक रिपोर्ट मंगाने के बाद प्रकरण में आरोपी संतोष सिंह व शाखा प्रबंधक समेत बैंक कर्मचारी के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश जैतपुर थाना प्रभारी को दिया।