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Ambedkar Nagar News: नहीं खपा पाए 11 करोड़, करना पड़ा सरेंडर
Sat, 01 Apr 2023 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 01 Apr 2023 12:27 AM IST
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अंबेडकरनगर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन ज्यादातर विभागों में बजट खपाने को लेकर आपाधापी का माहौल रहा। अधिकारी और कर्मचारी अन्य काम छोड़ बजट को समायोजित करने में जुटे दिखे। इसके बावजूद करीब 11 करोड़ की रकम लैप्स हो गई। शुक्रवार देर शाम तक कुल 304 बिल ट्रेजरी से पास किए गए।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन ज्यादातर विभागों में पूरा ध्यान सिर्फ बाकी रह गए बजट को खपाने पर केंद्रित रहा। विकास भवन के ज्यादातर कार्यालय पूरे दिन अलग-अलग योजनाओं की तुलना में रकम खर्च करने की जुगत बिठाने में दिखे। हालत यह थी कि दर्जनों सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार को रूटीन के कार्य नहीं हुए। सिर्फ बजट को लेकर माथापच्ची होती रही।
इसमें भी सबसे खास बात यह रही कि कई प्रमुख विभाग के अफसरों ने घरों से ही बजट को लेकर मोर्चा संभाले रखा। देर शाम तक बजट को समायोजित करने की कोशिश की जाती रही। इसके बाद भी कई विभाग लगभग 11 करोड़ की रकम लैप्स होने से नहीं बचा सके।
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इन सबके बीच शुक्रवार देर शाम तक विभागों की तरफ से कुल 304 बिल कोषागार कार्यालय में दाखिल किए गए। मुख्य कोषाधिकारी जगरोपन राम ने बताया कि रात नौ बजे तक जो बिल आए, वो स्वीकार किए गए।
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वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन ज्यादातर विभागों में पूरा ध्यान सिर्फ बाकी रह गए बजट को खपाने पर केंद्रित रहा। विकास भवन के ज्यादातर कार्यालय पूरे दिन अलग-अलग योजनाओं की तुलना में रकम खर्च करने की जुगत बिठाने में दिखे। हालत यह थी कि दर्जनों सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार को रूटीन के कार्य नहीं हुए। सिर्फ बजट को लेकर माथापच्ची होती रही।
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इसमें भी सबसे खास बात यह रही कि कई प्रमुख विभाग के अफसरों ने घरों से ही बजट को लेकर मोर्चा संभाले रखा। देर शाम तक बजट को समायोजित करने की कोशिश की जाती रही। इसके बाद भी कई विभाग लगभग 11 करोड़ की रकम लैप्स होने से नहीं बचा सके।
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इन सबके बीच शुक्रवार देर शाम तक विभागों की तरफ से कुल 304 बिल कोषागार कार्यालय में दाखिल किए गए। मुख्य कोषाधिकारी जगरोपन राम ने बताया कि रात नौ बजे तक जो बिल आए, वो स्वीकार किए गए।