{"_id":"6935b4edfbe1ea45ed09d08e","slug":"compared-to-convent-there-are-no-benches-in-the-classroom-ambedkar-nagar-news-c-91-1-ame1011-146642-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: तुलना कॉन्वेंट से, कक्षा में बेंच तक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: तुलना कॉन्वेंट से, कक्षा में बेंच तक नहीं
Sun, 07 Dec 2025 10:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 07 Dec 2025 10:40 PM IST
विज्ञापन
शिक्षा क्षेत्र रामनगर के प्राथमिक विद्यालय जमलुपुर में मैट पर बैठे बच्चे।
अंबेडकरनगर। कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को विकसित कर पठन पाठन का बेहतर माहौल बनाने के दावे हवाहवाई साबित हो रहे हैं। ठंड का मौसम चल रहा है, लेकिन अभी तक इन विद्यालय में फर्नीचर तक का इंतजाम नहीं हो सका है। बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठ कर पढ़ाया जाता है। इससे बच्चों के बीमार होने का खतरा बना रहता है।
जिले में 1583 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां 1,58,538 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में काॅन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर विकसित कर बेहतर भवन, शौचालय, स्वच्छ पेयजल आदि का इंतजाम किया जा रहा है। इसके बावजूद बच्चों के बैठने के लिए अभी तक करीब 715 विद्यालयों में ही फर्नीचर की व्यवस्था कुछ हद तक पूरी हो पाई है। शेष 868 विद्यालयो में टाट-पट्टी का ही सहारा है।
विज्ञापन
जिले में 1583 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां 1,58,538 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में काॅन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर विकसित कर बेहतर भवन, शौचालय, स्वच्छ पेयजल आदि का इंतजाम किया जा रहा है। इसके बावजूद बच्चों के बैठने के लिए अभी तक करीब 715 विद्यालयों में ही फर्नीचर की व्यवस्था कुछ हद तक पूरी हो पाई है। शेष 868 विद्यालयो में टाट-पट्टी का ही सहारा है।
विज्ञापन