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कोरोना से अंबेडकरनगर के जिला अस्पताल के सीएमएस की मौत
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सीएमएस डॉ एसपी गौतम।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कोरोना पॉजिटिव पाए गए जिला अस्पताल के सीएमएस की मंगलवार दोपहर करीब पीजीआई लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह खबर जिले में पहुंचते ही अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों में हड़कंप मच गया। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों से लेकर कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई सीएमएस की कोरोना से मौत पर स्तब्ध दिखा।
बीते 4 जून को जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी गौतम की हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया था। वे जौनपुर जिले के मूल निवासी थे। लखनऊ भर्ती होने के एक दिन बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजटिव पाई गई। भर्ती होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सीएमएस की तबियत में लगातार सुधार हो रहा था।
हालांकि एक दिन पहले सोमवार को सीएमएस की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हालत गंभीर होने पर उन्हें सोमवार को वेंटीलेटर पर रखा गया था। इसके बाद से लगातार उनकी तबियत बिगड़ती चली गई। जिंदगी मौत से जंग लड़ रहे सीएमएस ने मंगलवार दोपहर अंतिम सांस ली। उनके परिवारीजन घटना के समय लखनऊ पीजीआई में ही मौजूद थे।
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सीएमएस की कोरोना से मौत की खबर जैसे ही जिले में पहुंची अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही आम नागरिक सन्न रह गए। जिला अस्पताल के चिकित्सक व कर्मचारी सूचना से पूरी तरह स्तब्ध दिखे। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके अधिकारी अब दुनिया में नहीं रहे। कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे, जो सीएमएस की मौत की खबर पर यकीन ही नहीं कर रहे थे। खबर की पुष्टि करने के लिए वे अपने सीनियर्स को फोन कर जानकारी हासिल कर रहे थे।
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बीते 4 जून को जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी गौतम की हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया था। वे जौनपुर जिले के मूल निवासी थे। लखनऊ भर्ती होने के एक दिन बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजटिव पाई गई। भर्ती होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सीएमएस की तबियत में लगातार सुधार हो रहा था।
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हालांकि एक दिन पहले सोमवार को सीएमएस की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हालत गंभीर होने पर उन्हें सोमवार को वेंटीलेटर पर रखा गया था। इसके बाद से लगातार उनकी तबियत बिगड़ती चली गई। जिंदगी मौत से जंग लड़ रहे सीएमएस ने मंगलवार दोपहर अंतिम सांस ली। उनके परिवारीजन घटना के समय लखनऊ पीजीआई में ही मौजूद थे।
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सीएमएस की कोरोना से मौत की खबर जैसे ही जिले में पहुंची अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही आम नागरिक सन्न रह गए। जिला अस्पताल के चिकित्सक व कर्मचारी सूचना से पूरी तरह स्तब्ध दिखे। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके अधिकारी अब दुनिया में नहीं रहे। कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे, जो सीएमएस की मौत की खबर पर यकीन ही नहीं कर रहे थे। खबर की पुष्टि करने के लिए वे अपने सीनियर्स को फोन कर जानकारी हासिल कर रहे थे।