AmbedkarNagar News: अस्पतालों के नवीनीकरण में भ्रष्टाचार पर सीएमओ पर गिरी गाज, प्रमोद कुमार को मिली जिम्मेदारी
अंबेडकरनगर में अस्पतालों के नवीनीकरण में भ्रष्टाचार पर सीएमओ पर गाज गिरी है। अब प्रमोद कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी के अंबेडकरनगर में निजी अस्पतालों के पंजीकरण व नवीनीकरण के नाम पर सीएमओ कार्यालय में रुपये मांगे जाने के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल पर आखिरकार गाज गिर गई है। शासन ने उन्हें सीएमओ पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
अब इनके स्थान पर फर्रुखाबाद के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. प्रमोद कुमार को नियुक्त कर दिया गया है। हालांकि, अभी इस पूरे प्रकरण में अहम भूमिका रखने वाले नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. संजय वर्मा व लिपिक महेश कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
डीएम ने जांच टीम गठित की थी
सीएमओ कार्यालय में लगातार मिल रहीं भ्रष्टाचार की शिकायतों पर तत्कालीन डीएम अनुपम शुक्ला ने 12 सितंबर 2025 को एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता की अध्यक्षता में जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह व एसडीएम डॉ. शशि शेखर की टीम गठित की थी।
जांच समिति ने पाया था कि रुपये लेनदेन के प्रमाण नहीं मिले हैं। अस्पताल का पंजीकरण एक साल पहले सीएमओ कार्यालय से किया गया था। अगले वर्ष मानकों का पूर्ण न होना या नवीनीकरण न किया जाना संदेह की स्थिति उत्पन्न करता है। शिकायतकर्ता रुपये मांगने के आरोप पर अडिग रहे।
फरवरी 2026 में शासन को भेज दी गई थी रिपोर्ट
समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सीएमओ की ओर से पंजीकरण व नवीनीकरण में जानबूझकर अनियमितता की गई। व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए फाइलों को लंबित या स्वीकृत किया गया। सीएमओ की कार्यप्रणाली घोर लापरवाही व पद के दुरुपयोग श्रेणी में आती है। इसकी रिपोर्ट फरवरी 2026 में शासन को भेज दी गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आठ मई को सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल, एसीएमओ डॉ. संजय वर्मा के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए थे।