{"_id":"62ec08c5b5c57e1436152ce9","slug":"cjm-poonam-will-conduct-judicial-inquiry-into-the-death-of-the-prisoner-ambedkar-nagar-news-lko6427013130","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदी की मौत मामले की न्यायिक जांच करेंगी सीजेएम पूनम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदी की मौत मामले की न्यायिक जांच करेंगी सीजेएम पूनम
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। जिला जेल में हुई बंदी रामसागर की मौत मामले की न्यायिक जांच सीजेएम पूनम सिंह करेंगी। जनपद न्यायाधीश पदमनारायण मिश्र ने उन्हें जांच पूरी कर एक माह में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। उधर, जेल में हुए पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक जांच के लिए एसडीएम सदर पवन जायसवाल शुक्रवार को सुबह 11 बजे जिला जेल पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि जेल अधिकारियों के अलावा कई बंदी रक्षकों की भूमिका मुख्य रूप से चिह्नित की जाएगी।
बीते दिनों जेल में निरुद्ध बेवाना थाना क्षेत्र के सस्पना गांव निवासी रामसागर की मौत मामले को लेकर हड़कंप मचा है। जेल प्रशासन ने मौत का कारण लिखित रूप से बंदी के सीने में दर्द तथा घबराहट बताया था। हालांकि परिजनों ने सिर में चोट लगने का उल्लेख करते हुए कहा था कि जेल में हत्या की गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोट की पुष्टि हुई। इसके बाद बंदी की पत्नी विमला की तरफ से जेल अधिकारियों व बंदी रक्षकों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया। बंदी चूंकि न्यायिक अभिरक्षा में था। इसलिए जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने न्यायिक अधिकारियों को सूचित किया था। इस पर जनपद न्यायाधीश पदमनारायण मिश्र ने बंदी की मौत मामले को लेकर न्यायिक जांच का निर्णय लिया। जिला जज ने न्यायिक जांच करने का जिम्मा सीजेएम पूनम सिंह को सौंपा है।
विज्ञापन
उधर, जेल में हुए घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक जांच के लिए एसडीएम सदर पवन जायसवाल शुक्रवार को 11 बजे जेल पहुंचेंगे। दरअसल जेल के पदेन डीआईजी व डीएम सैमुअल पॉल एन ने जेल में घटित इस घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने न्यायिक जांच के अलावा प्रशासनिक जांच का निर्णय लिया था, जिससे पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने आ सके। एसडीएम सदर ने बताया कि जांच में सभी जरूरी बिंदुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
विज्ञापन
बीते दिनों जेल में निरुद्ध बेवाना थाना क्षेत्र के सस्पना गांव निवासी रामसागर की मौत मामले को लेकर हड़कंप मचा है। जेल प्रशासन ने मौत का कारण लिखित रूप से बंदी के सीने में दर्द तथा घबराहट बताया था। हालांकि परिजनों ने सिर में चोट लगने का उल्लेख करते हुए कहा था कि जेल में हत्या की गई है।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोट की पुष्टि हुई। इसके बाद बंदी की पत्नी विमला की तरफ से जेल अधिकारियों व बंदी रक्षकों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया। बंदी चूंकि न्यायिक अभिरक्षा में था। इसलिए जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने न्यायिक अधिकारियों को सूचित किया था। इस पर जनपद न्यायाधीश पदमनारायण मिश्र ने बंदी की मौत मामले को लेकर न्यायिक जांच का निर्णय लिया। जिला जज ने न्यायिक जांच करने का जिम्मा सीजेएम पूनम सिंह को सौंपा है।
विज्ञापन
उधर, जेल में हुए घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक जांच के लिए एसडीएम सदर पवन जायसवाल शुक्रवार को 11 बजे जेल पहुंचेंगे। दरअसल जेल के पदेन डीआईजी व डीएम सैमुअल पॉल एन ने जेल में घटित इस घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने न्यायिक जांच के अलावा प्रशासनिक जांच का निर्णय लिया था, जिससे पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने आ सके। एसडीएम सदर ने बताया कि जांच में सभी जरूरी बिंदुओं को ध्यान में रखा जाएगा।