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असर दिखाने लगी कुपोषण के खिलाफ मुहिम

Tue, 18 Oct 2022 11:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2022 11:57 PM IST
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Campaign against malnutrition started showing effect
अंबेडकरनगर। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की मुहिम धीरे धीरे असरदार साबित होने लगी है। इसके चलते ही अगस्त के मुकाबले सितंबर में अति कुपोषित बच्चों की संख्या में उत्साहवर्धक कमी दर्ज हुई है। अगस्त माह में जहां जिले में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 5645 थी, वह सितंबर में चले अभियान के बाद 1889 से कम होकर 3756 तक रह गई। इससे उत्साहित जिम्मेदारों का दावा है कि अब अक्तूबर में कुपोषण के खिलाफ संचालित अभियान में आम लोगों की हिस्सेदारी को बढ़ाकर और ज्यादा सफलता हासिल की जाएगी।
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बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए कई योजनाओं का संचालन हो रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 2.22 लाख बच्चे पंजीकृत हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार सितंबर में अभियान चलाकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ साथ वजन भी किया गया था। इसमें 2.15 लाख बच्चों के परीक्षण में 1.80 लाख बच्चे सामान्य श्रेणी में पाए गए थे। जबकि 31805 बच्चे कुपोषित और 3756 बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में चिह्नित हुए हैं। इससे पूर्व अगस्त माह में संचालित अभियान के बाद अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 5645 थी।
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बेहतरी को गोद लिए 102 केंद्र
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों तथा गर्भवती व धात्री को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके इसके लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने 102 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद भी ले रखा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डीपी मिश्रा के अनुसार 45 जिलास्तरीय अधिकारियों ने 93 आंगनबाड़ी केंद्रों को जबकि तीन जन प्रतिनिधियों की तरफ से तीन तीन आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लिया गया है। इसमें पूर्व सांसद व एमएलसी हरिओम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा व नगर पालिका परिषद अकबरपुर अध्यक्ष सरिता गुप्ता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त माह की तुलना में सितंबर माह में अति कुपोषित बच्चे कम मिले हैं। सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने अपने क्षेत्र के अतिकुपोषित बच्चों पर नियमित तौर पर नजर रखें।

कुपोषण से मुक्ति के लिए पौष्टिक सामग्री
अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चों को खाने के लिए प्रतिमाह डेढ़ किग्रा गेहूं दलिया, डेढ़ किग्रा चावल, दो किग्रा दाल व 455 ग्राम खाद्य तेल मिलता है। इसी प्रकार सामान्य व कुपाषित बच्चों को केंद्र से प्रतिमाह छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को एक किग्रा दलिया, एक किग्रा चावल, एक किग्रा चना दाल व 455 ग्राम खाद्य तेल जबकि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को 500 ग्राम दलिया, 500 ग्राम चावल, 500 ग्राम खाद्य तेल दिया जाता है। इनके अलावा गर्भवती व धात्रियों को डेढ़ किग्रा गेहूं दलिया, एक किग्रा चावल, एक किग्रा चना दाल व 455 ग्राम खाद्य तेल उपलब्ध कराया जाता है।
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