फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   BSP candidate's petition quashed

बसपा प्रत्याशी की याचिका खारिज

Tue, 12 Jan 2016 11:52 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Jan 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पराजित हुई बसपा प्रत्याशी व अन्य की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में 10 मत खारिज होने को गड़बड़ी नहीं माना है। इससे पहले प्रशासन की तरफ से कोर्ट में पूरी प्रक्रिया का पक्ष रखा गया। इसके बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया।

विज्ञापन


फैसले से जहां अध्यक्ष पद पर विजयी हुए सपा प्रत्याशी के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं तमाम उम्मीदें लगाए दूसरा खेमा मायूस दिखा। 43 सदस्यीय जिला पंचायत में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सपा प्रत्याशी सुधीर सिंह मिंटू व बसपा प्रत्याशी शोभावती वर्मा आमने-सामने थीं।
विज्ञापन


दोनों ही प्रत्याशियों का समर्थन करने वाले दलों ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। इसी बीच बसपा प्रत्याशी शोभावती वर्मा और पांच अन्य जिला पंचायत सदस्यों तबस्सुम, तारावती, जगदीश, हरीराम व निर्मला ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि न चाहते हुए भी उन्हें सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए हैं, जिससे कि सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी को फायदा पहुंचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


बसपा प्रत्याशी ने इसके अलावा चुनाव जनपद न्यायाधीश की देखरेख व पैरामिलेट्री फोर्स के साथ कराने की मांग की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा था। कोर्ट ने मतदान को वीडियोग्राफी के बीच कराने का निर्देश देते हुए 12 जनवरी को सुनवाई की तिथि तय की थी।

प्रशासन ने अपने जवाब में कहा था कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे, जिन्हें सदस्यों की आपत्ति के बाद हटा लिया गया है। इस बीच हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी सुधीर उर्फ मिंटू सिंह ने सात मत से जीत दर्ज कर ली थी।

उन्हें 20 मत प्राप्त हुए, जबकि बसपा प्रत्याशी शोभावती को 13 मत मिले थे। 10 मत निरस्त हो गए थे क्योंकि दोनों प्रत्याशियों के समक्ष अंकन हो गया था। इस पर बसपा प्रत्याशी ने कोर्ट में कहा कि गलत ढंग से उनके समर्थक मतदाताओं के मत पत्र निरस्त किए गए हैं।

बसपा प्रत्याशी रहीं शोभावती वर्मा के पति पूर्वमंत्री लालजी वर्मा ने कहा कि सपा प्रत्याशी ने बेईमानी कर चुनाव जीता है। इसका पता एक वर्ष बाद तब चलेगा, जब अविश्वास प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 26 सदस्य अब भी पूरी तरह उनके साथ हैं। ऐसे में बहुमत किसके साथ है, इसका फैसला एक वर्ष बाद हो जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर विजयी हुए सुधीर सिंह के चुनाव का संचालन करने वाले दुग्ध विकासमंत्री राममूर्ति वर्मा ने कहा कि सच सामने आ चुका है। फर्जी व मनगढ़ंत आरोपों से कुछ हासिल नहीं होता। न्यायालय ने भी सच के अनुरूप फैसला सुनाया है।

यह कितना हास्यास्पद है कि निरस्त हुए सभी 10 मत को बसपा अपने खेेमे का बता रही है। न्यायालय में भी यह साबित नहीं किया जा सका कि सभी निरस्त मत किस खेमे के हैं। गोपनीय चुनाव के कारण कोई भी दल यह दावा कर ही नहीं सकता कि किस सदस्य का मत निरस्त हुआ और वह किस खेमे का है।


जिलाधिकारी विवेक ने कहा कि मंगलवार को हुई हाईकोर्ट की सुनवाई में शोभावती व अन्य की याचिका खारिज कर दी गई है। मामले में न्यायालय को बताया गया कि नामांकन से लेकर नाम वापसी तक की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के बीच कराई गई। मतदान और मतगणना की संपूर्ण प्रक्रिया वीडियोग्राफी व सीसीटीवी कैमरे की देखरेख में हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed