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पुल बना छुट्टा पशुओं का रैन बसेरा, प्रभावित हो रहा आवागमन

Sun, 18 Aug 2019 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 11:21 PM IST
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Bridge becomes a shelter for livestock, affected traffic
अंबेडकरनगर। पवित्र श्रवणक्षेत्र स्थित विसुई नदी पर बना पुल छुट्टा पशुओं का रैन बसेरा बन चुका है। दिन में तो कुछ गनीमत रहती है, लेकिन शाम होते ही दर्जनों की संख्या में ऐसे मवेशी पुल पर बैठ कर मार्ग को अवरुद्ध कर देते हैं। इससे न सिर्फ छोटे बड़े वाहनों को आने-जाने में परेशानी होती है, बल्कि जानमाल का भी जोखिम बना रहता है। बड़ी संख्या में होने के चलते इन्हें कोई भगाने का साहस भी जल्दी नहीं जुटा पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत के बावजूद पशुओं के रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है।
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छुट्टा पशुओं के समुचित रख रखाव की व्यवस्था न होने से किसानों व आम जनमानस के लिए संकट अभी भी बना हुआ है। हालांकि कई स्थाई तथा अस्थाई पशु आश्रय स्थल प्रशासन द्वारा स्थापित तो कराए गए हैं, लेकिन मवेशियों की संख्या के सापेक्ष वे भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहे। इसके चलते छुट्टा मवेशी जहां तहां अपना आश्रय स्थल बना ले रहे। कुछ ऐसा ही हाल श्रवणक्षेत्र के विसुई नदी पर बने पुल का है। यहां शाम होते ही दर्जनों की संख्या में छुट्टा मवेशी बैठकर आवागमन बाधित कर देते हैं।
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स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में ये मवेशी किसानों की फसलों को चरकर बर्बाद करते हैं फिर शाम होते ही पुल पर बैठ कर आवागमन बाधित कर देते हैं। कई बार तो स्थिति तब असहज हो जाती है जब मवेशी पुल पर बीचोबीच बैठकर आवागमन पूरी तरह से ठप कर देते हैं। इससे छोटे बड़े वाहनों का निकलना दूभर हो जाता है। वाहनों के सुचारू आवागमन न हो पाने से कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। बड़ी संख्या में होने के चलते इन्हें कोई वहां से हटाने का साहस भी जल्दी नहीं जुटा पाता। इससे हर समय राहगीरों को जान का जोखिम बना रहता है।
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स्थानीय परमार सिंह, गुड्डू सिंह, विनीत यादव व केशव वर्मा आदि ने बताया कि पिछले दिनों ऐसे मवेशियों से परेशान होकर ग्रामीणों ने कुछ मवेशियों को बंधक बनाकर मार्ग भी जाम कर दिया था, इसके बाद एसडीएम सदर के आदेश पर मवेशियों को मिर्जापुर आश्रय स्थल भिजवा दिया गया था, लेकिन अभी भी क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवारा पशुओं का जमावड़ा है, जो किसानों के साथ साथ आम जनमानस के लिए समस्या बने हुए हैं।

पालिटेकिभनक होने के कारण हर समय छात्र-छात्राओं का पुल से होकर आना जाना लगा रहता है, ऐसे में उनके साथ किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। उधर एसडीएम सदर अभिषेक पाठक ने कहा कि ऐसे पशुओं को आश्रय स्थल पर भिजवाया जाएगा। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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