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शहर का दर्जा पाने में फिर पिछड़ गया भीटी
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अंबेडकरनगर। ग्रामीण आबादी को शहरी होने का दर्जा मिलने के मामले में भीटी तहसील क्षेत्र फिर से पिछड़ गया। इस क्षेत्र के बाशिंदे खुद को छला महसूस कर रहे हैं। बीते दिनों जलालपुर नगर पालिका परिषद के विस्तार तथा उसके बाद दो नई नगर पंचायतों के गठन के दौरान भी भीटी को नगर पंचायत का दर्जा मिलने का सौभाग्य नहीं मिल सका। समूचे भीटी तहसील क्षेत्र में अभी एक भी नगर निकाय नहीं है। जिस भीटी तहसील मुख्यालय को तेजी से विकास की जरूरत है, उस भीटी बाजार को लगभग एक दशक से नगर पंचायत की श्रेणी में शामिल होने का इंतजार बना ही हुआ है।
जिले की पांच तहसीलों में से सिर्फ भीटी एक मात्र ऐसी तहसील है, जहां कोई भी नगर निकाय नहीं है। गत वर्ष तक इसी श्रेणी में आलापुर तहसील भी शामिल थी, लेकिन बीते रहे वर्ष के अंत में शासन ने आलापुर तहसील की दो बड़ी बाजारों व ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर नाम से नई नगर पंचायत की घोषणा कर दी। इससे आलापुर तहसील भी नगर निकाय वाली श्रेणी से जुड़ गई। हालांकि भीटी तहसील के वाशिंदों का इंतजार अब भी जस का तस बना हुआ है। बताते चलें कि 31 अक्तूबर 2007 को तत्कालीन बसपा सरकार ने अकबरपुर तहसील को विभक्त कर भीटी के नाम से नई तहसील की स्थापना की थी। भीटी बाजार को ही इसका मुख्यालय बनाया गया। बाजार में दुकानों व मकानों आदि के साथ अन्य व्यवसाय तो हुआ, लेकिन तमाम मूलभूत सुविधाओं के लिए नगर पंचायत का दर्जा मिलने की आवश्यकता बनी हुई है।
वर्ष 2008 में जब अकबरपुर नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार को मंजूरी दी गई तभी भीटी को नगर पंचायत का दर्जा देने की आवाज उठी थी। यह बात अलग है कि उस पर निर्णय नहीं लिया जा सका। वर्ष 2016 में किछौछा नगर पंचायत के सीमा विस्तार का निर्णय लेते समय भी जिम्मेदारों को भीटी की सुध नहीं हो पाई। जलालपुर नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू करते समय तथा बीते दिनों सीमा विस्तार को अंतिम मंजूरी देते समय भी भीटी को नगर पंचायत का दर्जा देने का निर्णय नहीं हो पाया। बीते वर्ष के अंत में आलापुर में दो नई नगर पंचायत की घोषणा करते समय भी भीटी के वाशिंदों की सुध लेना जिम्मेदार भूल गए। नतीजा यह कि विकास की दौड़ में आगे बढने के लिए जूझ रहे भीटी तहसील मुख्यालय व आसपास के ग्रामीणों को अभी मुश्किलों का सामना अगले कुछ वक्त तक और करना पड़ेगा।
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भीटी तहसील मुख्यालय भीटी ग्राम पंचायत में स्थित है। भीटी ग्राम पंचायत की आबादी लगभग आठ हजार के करीब है। हालांकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी 6974 है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह आबादी बढ़कर आठ हजार से अधिक हो गई है। आसपास के गांवों को शामिल कर लगभग पन्द्रह हजार की आबादी वाले नगर पंचायत की घोषणा आसानी से की जा सकती है। भीटी में तहसील मुख्यालय के साथ ही थाना, सीएचसी व ब्लाक जैसे सरकारी कार्यालय स्थायी रूप से निर्मित हॅैं। इससे यहां नगर पंचायत की स्थापना से जुड़े सभी मानक पूरे हो रहे हैं।
भीटी तहसील में कुल 257 ग्राम पंचायत हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 39 हजार 969 घर हैं। कुल आबादी 2 लाख 48 हजार 669 है। इनमें से पुरुष 1 लाख 24 हजार 816, जबकि महिलाएं 1 लाख 23 हजार 853 हैं। भीटी तहसील की साक्षरता दर 59.97 प्रतिशत है। पुरुषों में यह दर 68.48 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं में 51.39 प्रतिशत है। भीटी तहसील का पूरा क्षेत्र 290.72 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
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जिले की पांच तहसीलों में से सिर्फ भीटी एक मात्र ऐसी तहसील है, जहां कोई भी नगर निकाय नहीं है। गत वर्ष तक इसी श्रेणी में आलापुर तहसील भी शामिल थी, लेकिन बीते रहे वर्ष के अंत में शासन ने आलापुर तहसील की दो बड़ी बाजारों व ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर नाम से नई नगर पंचायत की घोषणा कर दी। इससे आलापुर तहसील भी नगर निकाय वाली श्रेणी से जुड़ गई। हालांकि भीटी तहसील के वाशिंदों का इंतजार अब भी जस का तस बना हुआ है। बताते चलें कि 31 अक्तूबर 2007 को तत्कालीन बसपा सरकार ने अकबरपुर तहसील को विभक्त कर भीटी के नाम से नई तहसील की स्थापना की थी। भीटी बाजार को ही इसका मुख्यालय बनाया गया। बाजार में दुकानों व मकानों आदि के साथ अन्य व्यवसाय तो हुआ, लेकिन तमाम मूलभूत सुविधाओं के लिए नगर पंचायत का दर्जा मिलने की आवश्यकता बनी हुई है।
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वर्ष 2008 में जब अकबरपुर नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार को मंजूरी दी गई तभी भीटी को नगर पंचायत का दर्जा देने की आवाज उठी थी। यह बात अलग है कि उस पर निर्णय नहीं लिया जा सका। वर्ष 2016 में किछौछा नगर पंचायत के सीमा विस्तार का निर्णय लेते समय भी जिम्मेदारों को भीटी की सुध नहीं हो पाई। जलालपुर नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू करते समय तथा बीते दिनों सीमा विस्तार को अंतिम मंजूरी देते समय भी भीटी को नगर पंचायत का दर्जा देने का निर्णय नहीं हो पाया। बीते वर्ष के अंत में आलापुर में दो नई नगर पंचायत की घोषणा करते समय भी भीटी के वाशिंदों की सुध लेना जिम्मेदार भूल गए। नतीजा यह कि विकास की दौड़ में आगे बढने के लिए जूझ रहे भीटी तहसील मुख्यालय व आसपास के ग्रामीणों को अभी मुश्किलों का सामना अगले कुछ वक्त तक और करना पड़ेगा।
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भीटी तहसील मुख्यालय भीटी ग्राम पंचायत में स्थित है। भीटी ग्राम पंचायत की आबादी लगभग आठ हजार के करीब है। हालांकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी 6974 है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह आबादी बढ़कर आठ हजार से अधिक हो गई है। आसपास के गांवों को शामिल कर लगभग पन्द्रह हजार की आबादी वाले नगर पंचायत की घोषणा आसानी से की जा सकती है। भीटी में तहसील मुख्यालय के साथ ही थाना, सीएचसी व ब्लाक जैसे सरकारी कार्यालय स्थायी रूप से निर्मित हॅैं। इससे यहां नगर पंचायत की स्थापना से जुड़े सभी मानक पूरे हो रहे हैं।
भीटी तहसील में कुल 257 ग्राम पंचायत हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 39 हजार 969 घर हैं। कुल आबादी 2 लाख 48 हजार 669 है। इनमें से पुरुष 1 लाख 24 हजार 816, जबकि महिलाएं 1 लाख 23 हजार 853 हैं। भीटी तहसील की साक्षरता दर 59.97 प्रतिशत है। पुरुषों में यह दर 68.48 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं में 51.39 प्रतिशत है। भीटी तहसील का पूरा क्षेत्र 290.72 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।