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शुरुआती तेजी के बाद फुस्स हुआ अकबरपुर में अतिक्रमण विरोधी अभियान
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय पर जिला प्रशासन द्वारा जोरशोर से शुरू किए गए अतिक्रमण विरोधी मुहिम की हवा निकल गई है। थोड़े बहुत दिखावटी प्रयासों के बाद से यह अभियान पूरी तरह ठप पड़ गया है। पूर्व में जहां तत्कालीन जिलाधिकारियों की मौजूदगी में सख्ती से अतिक्रमण विरोधी अभियान चला था, वहीं बीते दिनों हुई रस्म अदायगी के दौरान डीएम व एडीएम समेत कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अभियान का नेतृत्व करने नहीं पहुंच सका। एसडीएम व सीओ के नेतृत्व में ही जहां तहां फौरी कार्रवाई के बाद अब पूरा अभियान ठप पड़ गया है। नतीजा यह कि अभियान के शुरु होने पर आम नागरिकों में जाम से निजात पाने को लेकर जो उम्मीदें जगी थी, वह फिलहाल चकनाचूर हो गई हैं।
जिला मुख्यालय पर लगने वाले जाम ने लंबे समय से आम नागरिकों व यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रखीं हैं। अमर उजाला लगातार इस समस्या को प्रमुखता से उठाता आया है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लगने वाले जाम का संज्ञान लेते हुए अफसरों को प्रभावी कार्रवाई का आदेश दिया था। निर्णय के अनुरूप अकबरपुर नगर में पटेलनगर तिराहे से अभियान की शुरुआत हुई। इससे नागरिकों व यात्रियों में जाम संकट से निजात पाने को लेकर एक नई उम्मीद जगी। अभियान के पहले दिन का नेतृत्व एसडीएम सदर व सीओ सदर ने किया। लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले भी यह दोनों अधिकारी एक बार ऐसी मुहिम प्रारंभ किये थे, लेकिन तब अतिक्रमण हटाने की नौबत ही नहीं आई थी।
इस बार फिर से इन दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में अभियान शुरू हुआ, तो नागरिकों को लगा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए डीएम व एडीएम स्तर के अधिकारी भी मैदान में उतरेंगे। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। जबकि पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारियों आरपी शुक्ल व विवेक आदि ने खुद सड़क पर उतर कर ऐसे अभियान का नेतृत्व किया था। इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों की इसी कार्यशैली का प्रतिकूल असर अन्तत: अतिक्रमण विरोधी अभियान में भी देखने को मिला। बीते लगभग डेढ़ सप्ताह से यह अभियान पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
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पूर्व में एक दो दिन के अंतराल पर अभियान नियमित रूप से चला था। इधर कुछ प्रशासनिक व कानून व्यवस्था की व्यस्तताओं के चलते अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। समय मिलते ही अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
राकेश कुमर मिश्र, डीएम अंबेडकरनगर
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जिला मुख्यालय पर लगने वाले जाम ने लंबे समय से आम नागरिकों व यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रखीं हैं। अमर उजाला लगातार इस समस्या को प्रमुखता से उठाता आया है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लगने वाले जाम का संज्ञान लेते हुए अफसरों को प्रभावी कार्रवाई का आदेश दिया था। निर्णय के अनुरूप अकबरपुर नगर में पटेलनगर तिराहे से अभियान की शुरुआत हुई। इससे नागरिकों व यात्रियों में जाम संकट से निजात पाने को लेकर एक नई उम्मीद जगी। अभियान के पहले दिन का नेतृत्व एसडीएम सदर व सीओ सदर ने किया। लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले भी यह दोनों अधिकारी एक बार ऐसी मुहिम प्रारंभ किये थे, लेकिन तब अतिक्रमण हटाने की नौबत ही नहीं आई थी।
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इस बार फिर से इन दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में अभियान शुरू हुआ, तो नागरिकों को लगा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए डीएम व एडीएम स्तर के अधिकारी भी मैदान में उतरेंगे। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। जबकि पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारियों आरपी शुक्ल व विवेक आदि ने खुद सड़क पर उतर कर ऐसे अभियान का नेतृत्व किया था। इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों की इसी कार्यशैली का प्रतिकूल असर अन्तत: अतिक्रमण विरोधी अभियान में भी देखने को मिला। बीते लगभग डेढ़ सप्ताह से यह अभियान पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
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पूर्व में एक दो दिन के अंतराल पर अभियान नियमित रूप से चला था। इधर कुछ प्रशासनिक व कानून व्यवस्था की व्यस्तताओं के चलते अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। समय मिलते ही अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
राकेश कुमर मिश्र, डीएम अंबेडकरनगर