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Ambedkar Nagar News: गबन के आरोपी सहायक प्रबंधक को नहीं मिली जमानत
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अंबेडकरनगर। नेफ्ट के माध्यम से लाखों की धनराशि अपने रिश्तेदारों के खाते में भेजकर गबन करने के आरोपी बड़ौदा यूपी बैंक के सहायक प्रबंधक को अभी कुछ दिन और जेल में बिताना होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जनपद न्यायाधीश विश्वनाथ ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
बीते दिनों सहायक प्रबंधक अनुपम भारती द्वारा साढ़े आठ लाख रुपये की धनराशि गबन कर लेने का मामला सुर्खियों में आया था। शाखा प्रबंधक सुबई राम ने कटका थाने में केस दर्ज कराकर कहा था कि नौ अगस्त 2021 से लेकर 28 जनवरी 2022 के बीच में गोविंदसाहब शाखा पर तैनात सहायक प्रबंधक ने अलग-अलग खाता धारकों के खाते से नेफ्ट के जरिए आठ लाख से अधिक की धनराशि अपने रिश्तेदारों के खाते में भेज दी। जान बूझकर गबन करने के लिए ऐसा किया गया। तहरीर में यह भी कहा गया कि अब संबंधित खातों से जुड़े फाॅर्म गायब कर दिए गए हैं। वाउचर बंडल में उक्त भुगतान से जुड़े आदि वाउचर नहीं हैं।
पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब सहायक प्रबंधक की तरफ से डाले गए जमानत प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उन्होंने अलग-अलग तिथि में 2.44 लाख रुपये ब्याज सहित जमा कर दिया है। सहायक प्रबंधक ने कहा कि अपनी शाखा के प्रबंधक के कहने पर ही रकम निकाला था। उन्हें गलत तथ्यों के आधार पर फंसाया गया है। ऐसे में जमानत दी जाए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुुभाषचंद्र वर्मा ने जमानत दिए जाने का कड़ा प्रतिवाद किया।
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प्रभारी सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ ने कहा कि ग्राहकों की जानकारी के बगैर बैंक शाखा में नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों को बताए बगैर उनके पासवर्ड का प्रयोग कर रकम में हेराफेरी करना गंभीर है। गुण-दोष पर कोई मत प्रकट करते हुए जमानत देना उचित नहीं होगा। प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने सहायक प्रबंधक की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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बीते दिनों सहायक प्रबंधक अनुपम भारती द्वारा साढ़े आठ लाख रुपये की धनराशि गबन कर लेने का मामला सुर्खियों में आया था। शाखा प्रबंधक सुबई राम ने कटका थाने में केस दर्ज कराकर कहा था कि नौ अगस्त 2021 से लेकर 28 जनवरी 2022 के बीच में गोविंदसाहब शाखा पर तैनात सहायक प्रबंधक ने अलग-अलग खाता धारकों के खाते से नेफ्ट के जरिए आठ लाख से अधिक की धनराशि अपने रिश्तेदारों के खाते में भेज दी। जान बूझकर गबन करने के लिए ऐसा किया गया। तहरीर में यह भी कहा गया कि अब संबंधित खातों से जुड़े फाॅर्म गायब कर दिए गए हैं। वाउचर बंडल में उक्त भुगतान से जुड़े आदि वाउचर नहीं हैं।
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पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब सहायक प्रबंधक की तरफ से डाले गए जमानत प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उन्होंने अलग-अलग तिथि में 2.44 लाख रुपये ब्याज सहित जमा कर दिया है। सहायक प्रबंधक ने कहा कि अपनी शाखा के प्रबंधक के कहने पर ही रकम निकाला था। उन्हें गलत तथ्यों के आधार पर फंसाया गया है। ऐसे में जमानत दी जाए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुुभाषचंद्र वर्मा ने जमानत दिए जाने का कड़ा प्रतिवाद किया।
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प्रभारी सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ ने कहा कि ग्राहकों की जानकारी के बगैर बैंक शाखा में नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों को बताए बगैर उनके पासवर्ड का प्रयोग कर रकम में हेराफेरी करना गंभीर है। गुण-दोष पर कोई मत प्रकट करते हुए जमानत देना उचित नहीं होगा। प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने सहायक प्रबंधक की जमानत अर्जी खारिज कर दी।