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आशा बहू घर-घर जाकर बनाएंगी आयुष्मान कार्ड
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अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित जिन लगभग सवा लाख पात्र परिवारों का अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उनके लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उनके घर पहुंचकर संबंधित क्षेत्र की आशा बहू प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाएंगी।
शत-प्रतिशत चयनित परिवार का आयुष्मान कार्ड बन सके, इसके लिए जिले में काम कर रहीं दो हजार से अधिक आशा बहुओं को जिम्मेदारी दी गई है। आयुष्मान कार्ड बनाने में आशा बहुओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए बीते दिनों ही जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी पर उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का समुचित लाभ चयनित पात्रों को मिल सके, इसके लिए अब आशा बहू मैदान में उतारी गई हैं। वे घर-घर जाकर चयनित परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी। जिले में योजना के तहत दो लाख 33 हजार 756 परिवारों का चयन किया गया है।
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योजना के तहत चयनित परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज चयनित अस्पताल में किए जाने का प्राविधान है। योजना का लाभ लेने के लिए चयनित परिवारों को आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) का होना जरूरी है। चयनित परिवारों का आयुष्मान कार्ड बन सके, इसके लिए न सिर्फ प्रारंभिक दौर में एक संस्था को नामित किया गया, बल्कि बाद में प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक आयुष्मान मित्र की भी तैनाती की गई।
शासन के तमाम निर्देश के बाद भी जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी नहीं आ सकी। अब तक कुल लक्ष्य के 46 प्रतिशत परिवारों का ही आयुष्मान कार्ड बन सका, जिनकी संख्या एक लाख से अधिक है। शत-प्रतिशत परिवारों का आयुष्मान कार्ड बन सके, इसके लिए अब आशा बहुओं को लगाया गया है।
योजना से जुड़े डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि जिन सवा लाख से अधिक पात्र परिवारों का अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है, उनके घर-घर पहुंचकर आशा बहुएं पहले चरण में पहले परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी।
इसके बाद परिवार के पांच सदस्यों का कार्ड बनाएंगी। इसके लिए कुल 2359 आशा बहुओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें 2303 आशा बहू ग्रामीण क्षेत्र में, जबकि 56 आशा बहुएं शहरी क्षेत्र में मौजूद पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी।
आशा बहुओं को दिया गया प्रशिक्षण
आयुष्मान कार्ड से वंचित रहने वाले परिवारों का कार्ड सुचारु रूप से बन सके, इसके लिए आशा बहुओं को जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी पर विशेष प्रशिक्षण बीते दिनों ही दिया गया था। डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि प्रशिक्षण देने के साथ ही आशा बहुओं के मोबाइल पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भरत एप अपलोड किया गया है। इस एप के माध्यम से वे परिवारों का आयुष्मान कार्ड बना सकेंगी।
जल्द चलेगा अभियान
आयुष्मान कार्ड बनाने में आशा बहुओं को समस्या न हो, इसके लिए सभी आशा बहुओं को दिया जाने वाला विशेष प्रशिक्षण गत दिवस ही समाप्त हुआ है। आशा बहुओं के मोबाइल पर एप लोड किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही कार्ड बनाने का का प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डॉ. संजय वर्मा, नोडल अधिकारी पीएम जन आरोग्य योजना
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शत-प्रतिशत चयनित परिवार का आयुष्मान कार्ड बन सके, इसके लिए जिले में काम कर रहीं दो हजार से अधिक आशा बहुओं को जिम्मेदारी दी गई है। आयुष्मान कार्ड बनाने में आशा बहुओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए बीते दिनों ही जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी पर उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था।
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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का समुचित लाभ चयनित पात्रों को मिल सके, इसके लिए अब आशा बहू मैदान में उतारी गई हैं। वे घर-घर जाकर चयनित परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी। जिले में योजना के तहत दो लाख 33 हजार 756 परिवारों का चयन किया गया है।
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योजना के तहत चयनित परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज चयनित अस्पताल में किए जाने का प्राविधान है। योजना का लाभ लेने के लिए चयनित परिवारों को आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) का होना जरूरी है। चयनित परिवारों का आयुष्मान कार्ड बन सके, इसके लिए न सिर्फ प्रारंभिक दौर में एक संस्था को नामित किया गया, बल्कि बाद में प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक आयुष्मान मित्र की भी तैनाती की गई।
शासन के तमाम निर्देश के बाद भी जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी नहीं आ सकी। अब तक कुल लक्ष्य के 46 प्रतिशत परिवारों का ही आयुष्मान कार्ड बन सका, जिनकी संख्या एक लाख से अधिक है। शत-प्रतिशत परिवारों का आयुष्मान कार्ड बन सके, इसके लिए अब आशा बहुओं को लगाया गया है।
योजना से जुड़े डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि जिन सवा लाख से अधिक पात्र परिवारों का अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है, उनके घर-घर पहुंचकर आशा बहुएं पहले चरण में पहले परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी।
इसके बाद परिवार के पांच सदस्यों का कार्ड बनाएंगी। इसके लिए कुल 2359 आशा बहुओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें 2303 आशा बहू ग्रामीण क्षेत्र में, जबकि 56 आशा बहुएं शहरी क्षेत्र में मौजूद पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाएंगी।
आशा बहुओं को दिया गया प्रशिक्षण
आयुष्मान कार्ड से वंचित रहने वाले परिवारों का कार्ड सुचारु रूप से बन सके, इसके लिए आशा बहुओं को जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी पर विशेष प्रशिक्षण बीते दिनों ही दिया गया था। डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि प्रशिक्षण देने के साथ ही आशा बहुओं के मोबाइल पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भरत एप अपलोड किया गया है। इस एप के माध्यम से वे परिवारों का आयुष्मान कार्ड बना सकेंगी।
जल्द चलेगा अभियान
आयुष्मान कार्ड बनाने में आशा बहुओं को समस्या न हो, इसके लिए सभी आशा बहुओं को दिया जाने वाला विशेष प्रशिक्षण गत दिवस ही समाप्त हुआ है। आशा बहुओं के मोबाइल पर एप लोड किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही कार्ड बनाने का का प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डॉ. संजय वर्मा, नोडल अधिकारी पीएम जन आरोग्य योजना