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डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य
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अंबेडकरनगर। छठ मइया देहले बानी मांग कै सिंदुरिया... छठी माई बरत सुहावन भूखै सारा संसार...छठ महारानी पूरण कीजे काज.. और छठी मइया सुन ली पुकार... जिले के विभिन्न घाटों पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विधिविधान पूर्वक महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए डूबते सूर्य अर्घ्य दिया। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद विशेष पूजन कर महिलाएं व्रत का पारण करेंगी।
पुत्र की दीर्घायु के लिए मनाए जाने वाले छठ पर्व का उल्लास रविवार को चरम पर दिखा। शुक्रवार को नहाय खाय की परंपरा के बाद शनिवार देर शाम से महिलाओं ने 36 घंटे के निर्जल व्रत की शुरुआत कर दी। व्रती महिलाएं रविवार सुबह से ही शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारियों में जुट गई थीं।
शाम होने से पहले ही डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए ढोल-नगाड़ों व भक्ति गीतों पर थिरकते हुए महिलाओं का जत्था घाटों पर पहुंचने लगा। अकबरपुर नगर के पंडाटोला, जौहरडीह व गायत्री मंदिर के निकट स्थित तमसा नदी घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचीं।
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छठ माता के जयकारों से समूचा घाट गूंज उठा। जैसे ही सूर्य के डूबने का समय आया महिलाएं पानी में पहुंच गईं। इसके बाद विधिविधान पूर्वक डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। टांडा के राजघाट, हनुमानगढ़ी घाट व मुबारकपुर घाट पर महिलाओं ने सरयू नदी के तट पर पूजन-अर्चन किया।
राजघाट पर स्थापित छठ माता की प्रतिमा का श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। इसके अलावा आलापुर, बसखारी, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, जलालपुर, भीटी व श्रवणक्षेत्र समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र व पति की लंबी उम्र की कामना की। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही शुक्रवार से प्रारंभ हुए छठ पर्व का सोमवार सुबह समापन हो जाएगा।
डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान सेल्फी लेने का दौर भी शुरू हो गया। युवतियों ने बढ़-चढ़कर सेल्फी ली। कोई अकेले सेल्फी ले रहा था तो कोई परिवार के साथ। डॉ. प्रमोदिता मिश्रा ने अपने पति के साथ सेल्फी ली तो अर्चना ने भी अर्घ्य देने के पल को मोबाइल के कैमरे में कैद किया। रूपाली, प्रियंका व शैफाली ने कहा कि इस मन मोह लेने वाले दृश्य को हम सभी ने कैमरे में कैद किया है। पर्व को लेकर खूब उत्साह है। अब ली गई सेल्फी को सोशल मीडिया पर शेयर भी करेंगे।
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पुत्र की दीर्घायु के लिए मनाए जाने वाले छठ पर्व का उल्लास रविवार को चरम पर दिखा। शुक्रवार को नहाय खाय की परंपरा के बाद शनिवार देर शाम से महिलाओं ने 36 घंटे के निर्जल व्रत की शुरुआत कर दी। व्रती महिलाएं रविवार सुबह से ही शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारियों में जुट गई थीं।
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शाम होने से पहले ही डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए ढोल-नगाड़ों व भक्ति गीतों पर थिरकते हुए महिलाओं का जत्था घाटों पर पहुंचने लगा। अकबरपुर नगर के पंडाटोला, जौहरडीह व गायत्री मंदिर के निकट स्थित तमसा नदी घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचीं।
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छठ माता के जयकारों से समूचा घाट गूंज उठा। जैसे ही सूर्य के डूबने का समय आया महिलाएं पानी में पहुंच गईं। इसके बाद विधिविधान पूर्वक डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। टांडा के राजघाट, हनुमानगढ़ी घाट व मुबारकपुर घाट पर महिलाओं ने सरयू नदी के तट पर पूजन-अर्चन किया।
राजघाट पर स्थापित छठ माता की प्रतिमा का श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। इसके अलावा आलापुर, बसखारी, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, जलालपुर, भीटी व श्रवणक्षेत्र समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र व पति की लंबी उम्र की कामना की। सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही शुक्रवार से प्रारंभ हुए छठ पर्व का सोमवार सुबह समापन हो जाएगा।
डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान सेल्फी लेने का दौर भी शुरू हो गया। युवतियों ने बढ़-चढ़कर सेल्फी ली। कोई अकेले सेल्फी ले रहा था तो कोई परिवार के साथ। डॉ. प्रमोदिता मिश्रा ने अपने पति के साथ सेल्फी ली तो अर्चना ने भी अर्घ्य देने के पल को मोबाइल के कैमरे में कैद किया। रूपाली, प्रियंका व शैफाली ने कहा कि इस मन मोह लेने वाले दृश्य को हम सभी ने कैमरे में कैद किया है। पर्व को लेकर खूब उत्साह है। अब ली गई सेल्फी को सोशल मीडिया पर शेयर भी करेंगे।