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Ambedkar Nagar News: बिसुही नदी में मिले पशु अवशेष, दो घंटे चला विवाद

Sun, 20 Sep 2026 10:59 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:59 PM IST
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Animal remains found in Bisuhi River; dispute lasted two hours.
भीटी क्षेत्र के बिसुही नदी में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने पर पुलिस व ग्रामीणों के मध्य होती
भीटी। भीटी-महरुआ सीमा पर नरायनपुर घाट के पास बिसुही नदी में रविवार को प्रतिबंधित पशु के पांच सिर और अन्य अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने स्थानीय पुलिस को जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर भीटी और महरुआ थाने की पुलिस भी भारी पुलिस बल के साथ पहुंची। अवशेषों को ले जाने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच करीब दो घंटे तक तीखी नोकझोंक हुई।
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ग्रामीणों ने बताया कि भीटी-महरुआ सीमा पर बने बिसुही नदी के पुल से कुछ लोगों ने नदी में पशुओं के सिर और अन्य अवशेष पड़े देखे। सूचना मिलने पर भीटी इंस्पेक्टर केबी सिंह और महरुआ एसओ दौमित्र सेन रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीमावर्ती इलाका होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर भीटी पुलिस ने अवशेष बाहर निकलवाए और उन्हें वाहन में रखवाकर पशु चिकित्सालय भेज दिया।
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इस पर करणी सेना के जिलाध्यक्ष अजय सिंह और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अवशेषों की जांच कराए बिना उन्हें मौके से नहीं ले जाया जाए। प्रभारी निरीक्षक से नाराज ग्रामीण अजय सिंह के समर्थन में लामबंद हो गए। उन्होंने अवशेष लदे वाहन को वापस बुलाने की मांग की और मौके से हटने से इन्कार कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख प्रभारी निरीक्षक ने फोन कर वाहन वापस मंगवाया।
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इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाकर अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सक ने अवशेष वनरोज के होने की आशंका जताई, लेकिन काफी सड़ जाने के कारण उनकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम के बाद सैंपल सुरक्षित किए गए और अवशेषों को दफन करा दिया गया। करीब दो घंटे चले विवाद के बाद ग्रामीण शांत हुए।

क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि अवशेष काफी सड़ चुके हैं। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वे किस पशु के हैं। मामले में वन्यजीव एवं पशु संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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