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प्रधान को हिरासत में लिए जाने पर भड़के ग्रामीणों ने थाना घेरा
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अंबेडकरनगर के बसखारी थाने के समक्ष धरने पर बैठे बसहिया गांव के ग्रामीण।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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बसखारी। भूमि विवाद में महिला ग्राम प्रधान समेत अन्य को हिरासत में लिए जाने से भड़के ग्रामीणों ने रविवार को सुबह थाने का घेराव कर लिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को बैक फुट पर जाना पड़ा। ग्राम प्रधान और अन्य को थाने से छोड़ दिया गया। इससे पहले काफी देर तक थाने में हंगामे का माहौल रहा।
पुलिस के अनुसार बसखारी थाना क्षेत्र के बसहिया गांव निवासी जगेश वर्मा को डीएम की ओर से पूर्व में पट्टा आवंटित किया गया था। बीती 15 जुलाई को नायब तहसीलदार राहुल सिंह व पुलिस की संयुक्त टीम ने पैमाइश कर भूखंड का सीमांकन कर दिया था। उसी भूखंड पर जगेश वर्मा अपने आवास का निर्माण कर रहा था। बीती 29 जुलाई को कुछ लोग लाठी-डंडा, रॉड व फावड़ा से उसके निर्माणाधीन घर को गिराने लगे।
विरोध करने पर उन्होंने जगेश पक्ष के लोगों की जमकर पिटाई कर दी। जगेश के प्रार्थना पत्र पर बसखारी पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी व तोड़फोड़ के आरोप में मुकदमा भी पंजीकृत किया था। आरोप है कि मुकदमा पंजीकृत होने से नाराज आरोपियोें ने रविवार को फिर अवशेष निर्माण को गिराकर पूरी तरह से जमींदोज कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से ग्राम प्रधान सितारा देवी समेत आधा दर्जन लोगों को पकड़ लिया और थाने पर पूछताछ के लिए ले आए। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बड़ी तादाद में पहुंचे ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
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ग्रामीणों के आक्रोश को देख पुलिस बैक फुट पर आ गई। थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को समझा और महिला ग्राम प्रधान समेत सभी लोगों को छोड़ दिया। थानाध्यक्ष श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि निर्माण गिराने के मामले में महिला प्रधान और उसके पति समेत अन्य को बुलाया गया था। उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे राजस्व कर्मियों से विवाद का निपटारा कराएं। थाने का घेराव नहीं किया गया है।
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पुलिस के अनुसार बसखारी थाना क्षेत्र के बसहिया गांव निवासी जगेश वर्मा को डीएम की ओर से पूर्व में पट्टा आवंटित किया गया था। बीती 15 जुलाई को नायब तहसीलदार राहुल सिंह व पुलिस की संयुक्त टीम ने पैमाइश कर भूखंड का सीमांकन कर दिया था। उसी भूखंड पर जगेश वर्मा अपने आवास का निर्माण कर रहा था। बीती 29 जुलाई को कुछ लोग लाठी-डंडा, रॉड व फावड़ा से उसके निर्माणाधीन घर को गिराने लगे।
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विरोध करने पर उन्होंने जगेश पक्ष के लोगों की जमकर पिटाई कर दी। जगेश के प्रार्थना पत्र पर बसखारी पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी व तोड़फोड़ के आरोप में मुकदमा भी पंजीकृत किया था। आरोप है कि मुकदमा पंजीकृत होने से नाराज आरोपियोें ने रविवार को फिर अवशेष निर्माण को गिराकर पूरी तरह से जमींदोज कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से ग्राम प्रधान सितारा देवी समेत आधा दर्जन लोगों को पकड़ लिया और थाने पर पूछताछ के लिए ले आए। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बड़ी तादाद में पहुंचे ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
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ग्रामीणों के आक्रोश को देख पुलिस बैक फुट पर आ गई। थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को समझा और महिला ग्राम प्रधान समेत सभी लोगों को छोड़ दिया। थानाध्यक्ष श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि निर्माण गिराने के मामले में महिला प्रधान और उसके पति समेत अन्य को बुलाया गया था। उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे राजस्व कर्मियों से विवाद का निपटारा कराएं। थाने का घेराव नहीं किया गया है।