{"_id":"5ede6a608ebc3e9021209b84","slug":"anamika-ambedkar-nagar-news-lko5250681131","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंबेडकरनगर में शिक्षिका अनामिका से तीन लाख रुपये रिकवरी का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबेडकरनगर में शिक्षिका अनामिका से तीन लाख रुपये रिकवरी का आदेश
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अंबेडकरनगर। एक साथ 25 जिलों के केजीबीवी में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला से रिकवरी की तैयारी है। अंबेडकरनगर से उसे 2 लाख 31 हजार रुपये तथा अमेठी से 68 हजार रुपये का मानदेय मिला था। पूरी रकम की वसूली अयोध्या मंडल से तय की जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अनामिका शुक्ला के नाम से उक्त रकम की वसूली के लिए आदेश जारी कर दिया है। अब पुलिस जांच यह तय होने के बाद कि अनामिका शुक्ला के नाम पर कौन नौकरी कर रहा था, उससे ही रकम की वसूली होगी। सोमवार को अयोध्या मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक ने अंबेडकरनगर व अमेठी के विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर वसूली के आदेश को अंतिम रूप दिया।
प्रदेश के 25 जिलों में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में एक साथ अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने के मामले का बीते दिनों भंडाफोड़ हुआ था। पहले पता चला कि अनामिका शुक्ला ही अलग-अलग जिलों में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रही थी, लेकिन फर्रुखाबाद में अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली युवती की गिरफ्तारी के बाद नया रहस्य सामने आया। उसने खुद को फर्रुखाबाद के ग्राम पंचायत लखनपुर के मजरा रजपालपुर की निवासी प्रिया जाटव बताया। हालांकि बाद में थाने पहुंचे उसके पिता ने पुलिस को बताया कि उसका असली नाम सुप्रिया है। इन 25 जिलों में अंबेडकरनगर भी शामिल है। यहां अनामिका शुक्ला ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रामनगर में मार्च 2019 में विज्ञान की पूर्णकालिक शिक्षिका के तौर पर कार्यभार ग्रहण किया था। फरवरी 2020 से उसका मानदेय रोक दिया गया। बीते दिनों ही उसके खिलाफ अंबेडकरनगर में बेसिक शिक्षा विभाग ने धोखाधड़ी का केस दर्ज भी कराया था। अब उससे मानदेय की रिकवरी का आदेश जारी हुआ है।
अयोध्या मंडल के दूसरे जिले अमेठी में अनामिका शुक्ला के नाम से नवंबर 2019 से वह कार्य कर रही थी। यहां के 68 हजार दो सौ रुपये के मानदेय की वसूली भी बेसिक शिक्षा विभाग ने करने का आदेेश दिए हैं। दोनों जिलों से लिए गये मानदेय के बदले रिकवरी के आदेश का निर्णय सोमवार को सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक अयोध्या मंडल रवीन्द्र सिंह के कार्यालय में दोनों जिलों से पहुंचे अधिकारियों की मौजूदगी में लिया गया। बीएसए अतुल सिंह ने बताया कि अनामिका के नाम पर कौन नौकरी कर रहा था, यह पुलिस की जांच में स्पष्ट होगा। जो नाम सामने आएगा, उससे ही वास्तविक वसूली सुनिश्चित कराई जाएगी।
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अंबेडकरनगर। अनामिका शुक्ला के नाम से अंबेडकरनगर के रामनगर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा अमेठी के ऐसे ही विद्यालय में बीएड की जो डिग्री लगी है, वह पूर्व मंत्री लालजी वर्मा से जुड़े आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय जियापुर बरुआ जलाकी का है। बेसिक शिक्षा विभाग इस डिग्री का सत्यापन करा रहा है। उसने हाईस्कूल, इंटर व बीएससी की डिग्री तो गोण्डा जनपद के विद्यालयों की दिखाई लेकिन बीएड की डिग्री अंबेडकरनगर के एक डिग्री कॉलेज की है।
उसने बालिका इंटर कॉलेज गोण्डा से हाईस्कूल, वीएमजेवी इंटर कॉलेज परसपुर गोण्डा से इंटरमीडिएट तथा श्री रघुकुल महिला विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा से बीएससी की डिग्री लगाई गई है। बीएड की डिग्री अंबेडकरनगर के टांडा तहसील अन्तर्गत आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय जियापुर बरुआ जलाकी की है। यह महाविद्यालय पूर्व मंत्री लालजी वर्मा से जुड़ा है। वे विद्यालय संचालन करने वाली समिति में हैं जबकि, विद्यालय प्रबंधक उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शोभावती वर्मा हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार ऑनलाइन सत्यापन में हाईस्कूल से लेकर बीएससी तक के दस्तावेज अनामिका शुक्ला के नाम से सही पाए गये हैं। बीएड के डिग्री की जांच की जा रही है।
अंबेडकरनगर। शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण में सोमवार को जांच करने के लिए आलापुर पुलिस टीम कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रामनगर पहुंची। वहां अन्य शिक्षिकाओं ने बताया कि जो युवती अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करती थी, वह काफी एकाकी रहती थी। सोमवार को आलापुर थाना प्रभारी बृजेश सिंह मामले में जांच करने विद्यालय पहुंचे। बृजेश ने बताया कि विद्यालय से यह पता करने की कोशिश की गई कि अनामिका के नाम पर यहां कौन नौकरी कर रहा था। लेकिन कोई खास जानकारी हासिल नहीं हो पाई। एसओ के अनुसार सहयोगी शिक्षिकाओं ने बताया कि अंतिम बार उसे मार्च के पहले सप्ताह में देखा था। वह ज्यादा बातचीत नहीं करती थी।
अंबेडकरनगर। अनामिका प्रकरण का खुलासा होने के बाद बीएसए कार्यालय पहुंची कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डेन भारती मौर्य ने बताया कि यहां अनामिका का ज्यादा सामान नहीं था। वह मार्च के पहले सप्ताह के बाद से ही यहां नहीं लौटी। विद्यालय परिसर में शिक्षिका का एक बैग, बक्सा व कुछ कपड़े ही मौजूद हैं। इन सामान को लेने भी अभी तक कोई नहीं आया है। सभी सामान को सुरक्षित रखवा दिया गया है, जिससे उसे कोई अन्य ले जाकर दुरुपयोग न कर सके।
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प्रदेश के 25 जिलों में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में एक साथ अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने के मामले का बीते दिनों भंडाफोड़ हुआ था। पहले पता चला कि अनामिका शुक्ला ही अलग-अलग जिलों में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रही थी, लेकिन फर्रुखाबाद में अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली युवती की गिरफ्तारी के बाद नया रहस्य सामने आया। उसने खुद को फर्रुखाबाद के ग्राम पंचायत लखनपुर के मजरा रजपालपुर की निवासी प्रिया जाटव बताया। हालांकि बाद में थाने पहुंचे उसके पिता ने पुलिस को बताया कि उसका असली नाम सुप्रिया है। इन 25 जिलों में अंबेडकरनगर भी शामिल है। यहां अनामिका शुक्ला ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रामनगर में मार्च 2019 में विज्ञान की पूर्णकालिक शिक्षिका के तौर पर कार्यभार ग्रहण किया था। फरवरी 2020 से उसका मानदेय रोक दिया गया। बीते दिनों ही उसके खिलाफ अंबेडकरनगर में बेसिक शिक्षा विभाग ने धोखाधड़ी का केस दर्ज भी कराया था। अब उससे मानदेय की रिकवरी का आदेश जारी हुआ है।
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अयोध्या मंडल के दूसरे जिले अमेठी में अनामिका शुक्ला के नाम से नवंबर 2019 से वह कार्य कर रही थी। यहां के 68 हजार दो सौ रुपये के मानदेय की वसूली भी बेसिक शिक्षा विभाग ने करने का आदेेश दिए हैं। दोनों जिलों से लिए गये मानदेय के बदले रिकवरी के आदेश का निर्णय सोमवार को सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक अयोध्या मंडल रवीन्द्र सिंह के कार्यालय में दोनों जिलों से पहुंचे अधिकारियों की मौजूदगी में लिया गया। बीएसए अतुल सिंह ने बताया कि अनामिका के नाम पर कौन नौकरी कर रहा था, यह पुलिस की जांच में स्पष्ट होगा। जो नाम सामने आएगा, उससे ही वास्तविक वसूली सुनिश्चित कराई जाएगी।
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अंबेडकरनगर। अनामिका शुक्ला के नाम से अंबेडकरनगर के रामनगर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा अमेठी के ऐसे ही विद्यालय में बीएड की जो डिग्री लगी है, वह पूर्व मंत्री लालजी वर्मा से जुड़े आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय जियापुर बरुआ जलाकी का है। बेसिक शिक्षा विभाग इस डिग्री का सत्यापन करा रहा है। उसने हाईस्कूल, इंटर व बीएससी की डिग्री तो गोण्डा जनपद के विद्यालयों की दिखाई लेकिन बीएड की डिग्री अंबेडकरनगर के एक डिग्री कॉलेज की है।
उसने बालिका इंटर कॉलेज गोण्डा से हाईस्कूल, वीएमजेवी इंटर कॉलेज परसपुर गोण्डा से इंटरमीडिएट तथा श्री रघुकुल महिला विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा से बीएससी की डिग्री लगाई गई है। बीएड की डिग्री अंबेडकरनगर के टांडा तहसील अन्तर्गत आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय जियापुर बरुआ जलाकी की है। यह महाविद्यालय पूर्व मंत्री लालजी वर्मा से जुड़ा है। वे विद्यालय संचालन करने वाली समिति में हैं जबकि, विद्यालय प्रबंधक उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शोभावती वर्मा हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार ऑनलाइन सत्यापन में हाईस्कूल से लेकर बीएससी तक के दस्तावेज अनामिका शुक्ला के नाम से सही पाए गये हैं। बीएड के डिग्री की जांच की जा रही है।
अंबेडकरनगर। शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण में सोमवार को जांच करने के लिए आलापुर पुलिस टीम कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रामनगर पहुंची। वहां अन्य शिक्षिकाओं ने बताया कि जो युवती अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करती थी, वह काफी एकाकी रहती थी। सोमवार को आलापुर थाना प्रभारी बृजेश सिंह मामले में जांच करने विद्यालय पहुंचे। बृजेश ने बताया कि विद्यालय से यह पता करने की कोशिश की गई कि अनामिका के नाम पर यहां कौन नौकरी कर रहा था। लेकिन कोई खास जानकारी हासिल नहीं हो पाई। एसओ के अनुसार सहयोगी शिक्षिकाओं ने बताया कि अंतिम बार उसे मार्च के पहले सप्ताह में देखा था। वह ज्यादा बातचीत नहीं करती थी।
अंबेडकरनगर। अनामिका प्रकरण का खुलासा होने के बाद बीएसए कार्यालय पहुंची कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डेन भारती मौर्य ने बताया कि यहां अनामिका का ज्यादा सामान नहीं था। वह मार्च के पहले सप्ताह के बाद से ही यहां नहीं लौटी। विद्यालय परिसर में शिक्षिका का एक बैग, बक्सा व कुछ कपड़े ही मौजूद हैं। इन सामान को लेने भी अभी तक कोई नहीं आया है। सभी सामान को सुरक्षित रखवा दिया गया है, जिससे उसे कोई अन्य ले जाकर दुरुपयोग न कर सके।