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स्कूल में बच्ची पर गिरी अलमारी, मौत
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फोटो 32, अंबेडकरनगर के सलाहुद्दीनपुर प्राथमिक विद्यालय में छात्रा की मौत के बाद आवश्यक जानकारी ले
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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टांडा/केदारनगर। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सलाहउद्दीनपुर में शिक्षकों की लापरवाही ने कक्षा दो की छात्रा पायल की जान ले ली। मध्याह्न अवकाश में जब अन्य बच्चे बाहर थे तभी छात्रा कक्षा में गई। वहां बर्तन रखने के दौरान लापरवाही के साथ रखी गई लकड़ी की बड़ी आलमारी छात्रा पर गिर पड़ी। गंभीर रूप से घायल छात्रा को लेकर अभिभावक व ग्रामीण राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नाराज ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक व दो शिक्षकों समेत एक शिक्षामित्र को बंधक बना लिया। प्रधानाध्यापक व एक शिक्षक की पिटाई की खबर भी सामने आई है।
उधर, ग्रामीण छात्रा का शव लेकर वापस विद्यालय पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे। बाद में डीएम व एसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शिक्षकों को मुक्त कराया। प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापकों को तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि एक मात्र शिक्षामित्र का मानदेय रोक दिया गया। बाद में चारों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
टांडा के सलाहउद्दीनपुर गांव में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा दो की छात्रा पायल (7) पुत्री राजकुमार के ऊपर आलमारी गिर पड़ी। हादसा उस समय हुआ, जब दोपहर बाद विद्यालय में भोजनावकाश समाप्त होने वाला था। कुछ बच्चे चीखते हुए कक्षा से बाहर निकले तो शिक्षकों को घटना की जानकारी हुई। शिक्षकों ने क्लास रूम में जाकर देखा तो वहां लकड़ी की एक आलमारी के नीचे पायल दबी हुई थी।
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शिक्षक उसे बाहर निकालते इसी बीच ग्रामीण व परिवारीजन भी वहां पहुंच गए। घायल बालिका को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव लेकर ग्रामीण वापस लेकर विद्यालय पहुंचे। इससे पहले मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक शिवचरन, सहायक अध्यापक शैलेंद्र यादव, अध्यापिका रीता देवी व शिक्षामित्र कृष्णावती को एक कक्ष में बंधक बना दिया। ग्रामीण हंगामा करने लगे। बंधक बनाने से पहले प्रधानाध्यापक व पुरुष सहायक अध्यापक की पिटाई किए जाने की भी खबर सामने आई।
गांव में हंगामे की सूचना पर पहले डायल 112 फिर इब्राहिमपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन न तो शिक्षकों को बंधक से मुक्त कराया जा सका और न ही ग्रामीणों को शव को ले जाने दिया। एसडीएम टांडा एमपी सिंह व सीओ अमरबहादुर कई थानों की फोर्स के साथ कुछ ही देर में गांव पहुंच गए। तब भी ग्रामीण हंगामे पर अड़े रहे। वे शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा 50 लाख की सहायता की मांग पर अड़े थे। आलापुर संपूर्ण समाधान दिवस में भाग लेने गए डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी को घटना की जानकारी हुई तो सीधे विद्यालय पहुंच गए। बीएसए अतुल कुमार सिंह समेत कई अन्य अधिकारी भी साथ थे।
अधिकारियों ने शिक्षकों को कमरे से सुरक्षित बाहर निकलवा कर सीधे इब्राहिमपुर थाने पहुंचाया। डीएम ने मौके पर प्रधानाध्यापक व दोनों शिक्षकों को निलंबित करने तथा शिक्षामित्र का मानदेय रोके जाने की घोषणा की। बीएसए ने निजी प्रयासों से एकत्र 35 हजार रुपए की नकद सहायता प्रदान की। डीएम ने शासन में मौके से दूरभाष पर वार्ता के बाद परिवारीजनों को भरोसा दिलाया कि सभी जरूरी मदद सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके बाद अधिकारियों के समझाने बुझाने पर परिवारीजन व ग्रामीण शव सौंपने को राजी हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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उधर, ग्रामीण छात्रा का शव लेकर वापस विद्यालय पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे। बाद में डीएम व एसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शिक्षकों को मुक्त कराया। प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापकों को तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि एक मात्र शिक्षामित्र का मानदेय रोक दिया गया। बाद में चारों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
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टांडा के सलाहउद्दीनपुर गांव में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा दो की छात्रा पायल (7) पुत्री राजकुमार के ऊपर आलमारी गिर पड़ी। हादसा उस समय हुआ, जब दोपहर बाद विद्यालय में भोजनावकाश समाप्त होने वाला था। कुछ बच्चे चीखते हुए कक्षा से बाहर निकले तो शिक्षकों को घटना की जानकारी हुई। शिक्षकों ने क्लास रूम में जाकर देखा तो वहां लकड़ी की एक आलमारी के नीचे पायल दबी हुई थी।
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शिक्षक उसे बाहर निकालते इसी बीच ग्रामीण व परिवारीजन भी वहां पहुंच गए। घायल बालिका को तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव लेकर ग्रामीण वापस लेकर विद्यालय पहुंचे। इससे पहले मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक शिवचरन, सहायक अध्यापक शैलेंद्र यादव, अध्यापिका रीता देवी व शिक्षामित्र कृष्णावती को एक कक्ष में बंधक बना दिया। ग्रामीण हंगामा करने लगे। बंधक बनाने से पहले प्रधानाध्यापक व पुरुष सहायक अध्यापक की पिटाई किए जाने की भी खबर सामने आई।
गांव में हंगामे की सूचना पर पहले डायल 112 फिर इब्राहिमपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन न तो शिक्षकों को बंधक से मुक्त कराया जा सका और न ही ग्रामीणों को शव को ले जाने दिया। एसडीएम टांडा एमपी सिंह व सीओ अमरबहादुर कई थानों की फोर्स के साथ कुछ ही देर में गांव पहुंच गए। तब भी ग्रामीण हंगामे पर अड़े रहे। वे शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा 50 लाख की सहायता की मांग पर अड़े थे। आलापुर संपूर्ण समाधान दिवस में भाग लेने गए डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी को घटना की जानकारी हुई तो सीधे विद्यालय पहुंच गए। बीएसए अतुल कुमार सिंह समेत कई अन्य अधिकारी भी साथ थे।
अधिकारियों ने शिक्षकों को कमरे से सुरक्षित बाहर निकलवा कर सीधे इब्राहिमपुर थाने पहुंचाया। डीएम ने मौके पर प्रधानाध्यापक व दोनों शिक्षकों को निलंबित करने तथा शिक्षामित्र का मानदेय रोके जाने की घोषणा की। बीएसए ने निजी प्रयासों से एकत्र 35 हजार रुपए की नकद सहायता प्रदान की। डीएम ने शासन में मौके से दूरभाष पर वार्ता के बाद परिवारीजनों को भरोसा दिलाया कि सभी जरूरी मदद सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके बाद अधिकारियों के समझाने बुझाने पर परिवारीजन व ग्रामीण शव सौंपने को राजी हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।