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कृषि कानूनों को जल्द वापस लिया जाए
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट किसान समस्याओं को लेकर धरना देते बहुजन मुक्ति पार्टी पदाधिकारी।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। बहुजन मुक्ति पार्टी व भारतीय किसान सहयोग संघ ने शनिवार को संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन कर कृषि कानून के विरोध में आवाज बुलंद की। कहा गया कि कृषि कानूनों को अविलंब वापस लेते हुए ऐसा विधेयक लाया जाए, जिसमें किसानों को पूरी तरह सुरक्षित रखने की बात कही जाए। जब तक ऐसा नहीं होता है, तब तक किसानों के हित को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बहुजन मुक्ति पार्टी के अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष जयप्रकाश उर्फ गुड्डू ने कहा कि कृषि कानून ने किसानों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। भारत कृषि प्रधान देश है। इसके बावजूद अन्नदाता मुश्किलों में हैं। उन्हें अपनी बात कहने के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली के बॉर्डर पर किसान डटे हैं। उनकी आवाज को दबाने के लिए उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। 100 से अधिक किसानों की इस दौरान मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद सरकार उनकी कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है। किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
भारतीय किसान सहयोग संघ के जिलाध्यक्ष रितेश वर्मा ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं के विरुद्ध न सिर्फ फर्जी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, बल्कि जेल में डालकर प्रताड़ित किया जा रहा है। किसानों के समर्थन में जो भी आवाज बुलंद कर रहा है, उसकी आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि यदि शीघ्र ही कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो समूचे देश का किसान सड़क पर होगा। इस मौके पर ओपी निगम, अमरजीत, आरके वर्मा, संदीप कुमार, साहिल कुमार, लालमणि आदि मौजूद रहे।
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बहुजन मुक्ति पार्टी के अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष जयप्रकाश उर्फ गुड्डू ने कहा कि कृषि कानून ने किसानों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। भारत कृषि प्रधान देश है। इसके बावजूद अन्नदाता मुश्किलों में हैं। उन्हें अपनी बात कहने के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली के बॉर्डर पर किसान डटे हैं। उनकी आवाज को दबाने के लिए उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। 100 से अधिक किसानों की इस दौरान मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद सरकार उनकी कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है। किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
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भारतीय किसान सहयोग संघ के जिलाध्यक्ष रितेश वर्मा ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं के विरुद्ध न सिर्फ फर्जी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, बल्कि जेल में डालकर प्रताड़ित किया जा रहा है। किसानों के समर्थन में जो भी आवाज बुलंद कर रहा है, उसकी आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि यदि शीघ्र ही कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो समूचे देश का किसान सड़क पर होगा। इस मौके पर ओपी निगम, अमरजीत, आरके वर्मा, संदीप कुमार, साहिल कुमार, लालमणि आदि मौजूद रहे।
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