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Ambedkar Nagar News: एनएच-233 के प्रभावित किसानों को शतप्रतिशत मिले मुआवजा
Mon, 16 Dec 2024 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 16 Dec 2024 11:16 PM IST
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टांडा में एसडीएम से मुलाकात करते भाकियू कार्यकर्ता।
अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक कार्यकर्ताओं ने सोमवार को फतेह जहूरपुर गांव के निकट धरना दिया। इसमें एनएच 233 के प्रभावित किसानों को शतप्रतिशत मुआवजा दिए जाने, किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किए जाने की मांग की गई। साथ ही टांडा में एसडीएम से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया।
जिलाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि एनएच 233 के प्रभावित किसानों को शतप्रतिशत भुगतान किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हो रहे हैं। इससे संबंधित किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। जब भी इसे लेकर आवाज बुलंद की जाती है तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। अब प्रभावित किसानों को हक दिलाने के लिए संघर्ष छेड़ा गया है। इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही रहा जाएगा।
छविलाल, मेवालाल, राधेश्याम, रामबली, जगजीत, मनोज, रामदयाल ने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने को लेकर भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। धान व गन्ना क्रय केंद्र पर पूरी तरह से मनमानी है। अलग-अलग प्रकार की गड़बड़ी बताकर किसानों को लौटा दिया जा रहा है। इससे किसानों को दिक्कत हो रही। वक्ताओं ने कहा कि खाद व बीज के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है। किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। किसानों के हित को देखते हुए जल्द से जल्द समस्याओं को निस्तारित किया जाए।
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जिलाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि एनएच 233 के प्रभावित किसानों को शतप्रतिशत भुगतान किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हो रहे हैं। इससे संबंधित किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। जब भी इसे लेकर आवाज बुलंद की जाती है तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। अब प्रभावित किसानों को हक दिलाने के लिए संघर्ष छेड़ा गया है। इसे अंजाम तक पहुंचाकर ही रहा जाएगा।
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छविलाल, मेवालाल, राधेश्याम, रामबली, जगजीत, मनोज, रामदयाल ने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने को लेकर भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। धान व गन्ना क्रय केंद्र पर पूरी तरह से मनमानी है। अलग-अलग प्रकार की गड़बड़ी बताकर किसानों को लौटा दिया जा रहा है। इससे किसानों को दिक्कत हो रही। वक्ताओं ने कहा कि खाद व बीज के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है। किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। किसानों के हित को देखते हुए जल्द से जल्द समस्याओं को निस्तारित किया जाए।
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