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डायरिया से एक की मौत, 8 की हालत गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Thu, 08 Oct 2015 11:13 PM IST
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बुधवार देर रात बच्चे की मौत की खबर मिलने के बाद गुरुवार सुबह कटेहरी सीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने गांव का दौरा किया और आवश्यक जांच पड़ताल के साथ ही दवाओं का वितरण किया। सीएचसी प्रभारी के मुताबिक बच्चे की मौत का कारण डायरिया नहीं हो सकता।
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अन्य जो लोग बीमार हैं, उसकी वजह दूषित पानी का प्रयोग करना है। दवाओं का वितरण कर दिया गया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को गांव पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
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भीटी तहसील क्षेत्र के पारुदेवा गांव में संक्रामक रोगों ने पांव पसार लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक डायरिया रोग की चपेट में लगातार बच्चे व महिलाएं आ रहे हैं। शुरू में तो ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर इलाज के द्वारा स्थिति संभालने का प्रयास किया लेकिन एक बालक की मौत के बाद से पूरे गांव में हड़कंप है।
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गांव निवासी फतेहबहादुर का आठ वर्षीय पुत्र अमन कुमार पिछले दो दिन से बीमार था। उसे उल्टी व पेट में दर्द की शिकायत हुई। परिवारीजन उसका स्थानीय स्तर पर इलाज करा रहे थे। इसी बीच बुधवार देर शाम उसकी मौत हो गई। गांव में ही कई अन्य लोग भी इसी प्रकार की बीमारी से पाड़ित हैं।
इनमें खुशबू (15), परवेन्द्र (16), एकता (23), संजीव (15), रेखा (30), बेला देवी (35), सरिता (10) व राजवीर (13) शामिल हैं। ग्रामीणों ने लगातार इन सभी के बीमार पड़ने को डायरिया का कारण बताया है। उधर डायरिया से बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया।
गुरुवार सुबह कटेहरी सीएचसी प्रभारी डॉ पवन कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंच गई। टीम में शामिल चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने गांव के सभी घरों के परिवारीजनों की एक-एक कर जांच पड़ताल की। टीम ने पाया कि सभी को बुखार, उल्टी व पेट में दर्द था। कुछ लोगों को सिर्फ बुखार ही था, जबकि कुछ लोगों को सिर्फ पेट में दर्द। टीम ने सभी को आवश्यक दवाएं दीं।
चिकित्सकों की टीम ने अमन की मौत की बाबत उसके परिवारीजनों से भी विस्तृत जानकारी ली। सीएचसी प्रभारी ने गांव की आशा बहू व एएनएम को लगातार यहां के हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए, कहा कि कुछ भी गड़बड़ नजर आए तो तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।
टीम में डॉ विनोद, फार्मासिस्ट उमाशंकर सिंह, मोती चन्द्र व भरत सिंह आदि मौजूद रहे। बाद में गांव से लौटकर सीएचसी पहुंचे प्रभारी डॉ पवन कुमार ने बताया कि अमन की मौत डायरिया से नहीं लग रही है। गांव में पेयजल के शुद्धता की समस्या है। इसे लेकर ग्रामीणों को समझाया गया है। एक साथ यह जो मुश्किल आयी है वह इसी का परिणाम है। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि हालत गंभीर होने पर कुल पांच लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया था।