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मान्यता जूनियर की पढ़ा रहे इंटर
AmbedkarNagar
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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अंबेडकरनगर। जिले में कई स्कूल ऐसे हैं जिनकी मान्यता सिर्फ जूनियर हाईस्कूल तक है लेकिन कक्षाएं 12वीं तक की चला रहे हैं। वहीं, बिना मान्यता के ही कई स्कूल जूनियर तक की कक्षाओं का संचालन धड़ल्ले से कर रहे हैं लेकिन इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जा रही है। सोमवार को बीएसए ने स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक स्कूल में इंटर तक की कक्षाओं का संचालन होते मिला, जबकि उसकी मान्यता जूनियर हाईस्कूल तक की है। वहीं एक अन्य स्कूल में बिना मान्यता के ही बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। बीएसए ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
शिक्षा माफियाओं ने विभाग पर मजबूत पकड़ बना रखी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच में खामियां पकड़ने जाने के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी करके मामला दबा दिया जाता है। नतीजा, शिक्षा माफिया बिना मान्यता के विद्यालय का संचालन कर न सिर्फ छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं बल्कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण भी जमकर किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर 40 से अधिक ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनकी मान्यता नहीं है। अगर मान्यता है भी तो सिर्फ जूनियर तक की लेकिन इनमें धड़ल्ले से इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। सोमवार को शिक्षा माफियाओं के गोरखधंधे का पर्दाफाश तब हुआ जब बीएसए दलसिंगार यादव बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चलाते हुए किसान राष्ट्रीय जूनियर हाईस्कूल गोहन्ना पहुंचे। बीएसए के अनुसार इस विद्यालय को मान्यता तो सिर्फ जूनियर हाईस्कूल तक है, लेकिन इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इस पर बीएसए ने कार्रवाई के लिए डीआईओएस को पत्र लिखा। शहजादपुर स्थित नेशनल कॉलेज ऑफ साइंस एकेडमी को मान्यता नहीं है, इसके बाद भी जूनियर हाईस्कूल तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। बीएसए की टीम को देखते ही यहां भगदड़ मच गई और प्रबंधक व प्रधानाचार्य सहित कई अन्य शिक्षक भाग खड़े हुए। पकड़े मिले एक शिक्षक को नोटिस थमाते हुए एक सप्ताह में मान्यता लेने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समय सीमा में मान्यता नहीं ली गई, तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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शिक्षा माफियाओं ने विभाग पर मजबूत पकड़ बना रखी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच में खामियां पकड़ने जाने के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी करके मामला दबा दिया जाता है। नतीजा, शिक्षा माफिया बिना मान्यता के विद्यालय का संचालन कर न सिर्फ छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं बल्कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण भी जमकर किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर 40 से अधिक ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनकी मान्यता नहीं है। अगर मान्यता है भी तो सिर्फ जूनियर तक की लेकिन इनमें धड़ल्ले से इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। सोमवार को शिक्षा माफियाओं के गोरखधंधे का पर्दाफाश तब हुआ जब बीएसए दलसिंगार यादव बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चलाते हुए किसान राष्ट्रीय जूनियर हाईस्कूल गोहन्ना पहुंचे। बीएसए के अनुसार इस विद्यालय को मान्यता तो सिर्फ जूनियर हाईस्कूल तक है, लेकिन इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इस पर बीएसए ने कार्रवाई के लिए डीआईओएस को पत्र लिखा। शहजादपुर स्थित नेशनल कॉलेज ऑफ साइंस एकेडमी को मान्यता नहीं है, इसके बाद भी जूनियर हाईस्कूल तक की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। बीएसए की टीम को देखते ही यहां भगदड़ मच गई और प्रबंधक व प्रधानाचार्य सहित कई अन्य शिक्षक भाग खड़े हुए। पकड़े मिले एक शिक्षक को नोटिस थमाते हुए एक सप्ताह में मान्यता लेने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समय सीमा में मान्यता नहीं ली गई, तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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