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लोहिया समग्र गावों में विकास ठप
AmbedkarNagar
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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अंबेडकरनगर। चालू वित्तीय वर्ष में छह माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन निर्मल भारत योजना के तहत 29 लोहिया समग्र गावों के रूप में चयनित ऌ्राम पंचायतों में नौ हजार 159 शौचालय का निर्माण अब तक प्रारंभ नहीं हो सका। योजना को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि योजना के तहत जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से चार करोड़ 21 लाख 31 हजार 400 रुपये तो संबंधित विभाग को मिल गए हैं लेकिन मनरेगा के तहत मिलने वाला धन अब तक नहीं उपलब्ध हो सका है।
मालूम हो कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर में प्रसाधन का निर्माण कराया जाना था। 10 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक प्रसाधन के लिए 5400 रुपये मनरेगा से, 4600 रुपये निर्मल भारत अभियान व 900 रुपये लाभार्थी को अंशदान करना है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह योजना जिले में गति नहीं पकड़ पा रही है। योजना के तहत समुचित धन उपलब्ध न होने के कारण पात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। निर्मल भारत अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले में चयनित 29 लोहिया समग्र गावाें में 9 हजार 159 प्रसाधनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के तहत प्रसाधन निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष का छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इसमें सबसे बड़ी बाधा मनरेगा के तहत मिलने वाली धनराशि का उपलब्ध न होना है। योजना के तहत निर्मल भारत अभियान से चार करोड़ 21 लाख 31 हजार 400 रुपये की धनराशि तो संबंधित विभाग को उपलब्ध हो गई है, लेकिन मनरेगा में डोयक सिस्टम लागू होने के चलते अब तक प्रति प्रसाधन 4600 की दर से धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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मालूम हो कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर में प्रसाधन का निर्माण कराया जाना था। 10 हजार रुपये की लागत से बनने वाले प्रत्येक प्रसाधन के लिए 5400 रुपये मनरेगा से, 4600 रुपये निर्मल भारत अभियान व 900 रुपये लाभार्थी को अंशदान करना है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह योजना जिले में गति नहीं पकड़ पा रही है। योजना के तहत समुचित धन उपलब्ध न होने के कारण पात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। निर्मल भारत अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले में चयनित 29 लोहिया समग्र गावाें में 9 हजार 159 प्रसाधनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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योजना के तहत प्रसाधन निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष का छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इसमें सबसे बड़ी बाधा मनरेगा के तहत मिलने वाली धनराशि का उपलब्ध न होना है। योजना के तहत निर्मल भारत अभियान से चार करोड़ 21 लाख 31 हजार 400 रुपये की धनराशि तो संबंधित विभाग को उपलब्ध हो गई है, लेकिन मनरेगा में डोयक सिस्टम लागू होने के चलते अब तक प्रति प्रसाधन 4600 की दर से धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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