फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   दफ्तरों में सन्नाटा, निराश लौटे फरियादी

दफ्तरों में सन्नाटा, निराश लौटे फरियादी

Thu, 02 Jan 2014 05:45 AM IST
AmbedkarNagar
AmbedkarNagar Updated Thu, 02 Jan 2014 05:45 AM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। नए वर्ष का आगाज सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के हितों की अनदेखी के साथ शुरू हुआ। बुधवार को ज्यादातर अधिकारियों के ग्राम पंचायतों में आयोजित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के कारण कर्मचारियों की मौज थी। तमाम कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद थे। वर्ष के पहले दिन मौसम ने भी खुलकर स्वागत किया। कोहरे की जगह धूप खिली हुई थी। मौसम का रुख भले ही बदला था, लेकिन कर्मचारी अपने पुराने ही रुख पर कायम थे। असल में लापरवाही का यह सिलसिला अधिकारियों के स्तर से ही शुरू होता है। शासन स्तर से सुबह 10 से 12 बजे तक सभी अधिकारियों के अपने कार्यालयों में बैठने का निर्देश है। इसके बावजूद इसका पूर्ण पालन जिले में नहीं हो पा रहा है। अब जब अधिकारी ही शासन के निर्देशों को लेकर गंभीर नहीं हैं, तो फिर कर्मचारियों से ज्यादा उम्मीद करना बेमानी ही है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने नए वर्ष के पहले दिन विभिन्न कार्यालयों का जायजा लिया, तो वहां पसरी लापरवाही कुछ इस तरह सामने आई-
विज्ञापन

केस-1 ः डीआईओएस कार्यालय,समय-12ः5 बजे
अमर उजाला टीम डीआईओएस कार्यालय पहुंची, तो सन्नाटा पसरा हुआ था। डीआईओएस ओमकार सिंह अपने कार्यालय में मौजूद मिले। वे कुछ जरूरी काम अकेले ही निपटा रहे थे। लिपिक बालकृष्ण समेत अन्य कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि कार्यालय में कामकाज का माहौल है। अवकाश जैसा सन्नाटा पूरे परिसर में पसरा हुआ नजर आ रहा था। कार्यालय में काम से आए पंकज ने बताया कि यहां ऐसा ही माहौल अक्सर रहता है। इस कार्यालय में लंबे समय से किसी प्रशासनिक अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया है। विद्यालय भवन की जानकारी करने आए रामगोपाल ने बताया कि ओवरब्रिज के नीचे यह कार्यालय होने का फायदा इसलिए भी यहां के कर्मचारी उठाते रहते हैं क्योंकि आवागमन कठिनाई के चलते अधिकारी इधर का रुख ही नहीं करते।
विज्ञापन

केस-2 ः उपायुक्त श्रम व स्वरोजगार कार्यालय,12ः35 बजे
विकास भवन स्थित उपायुक्त श्रम रोजगार व स्वरोजगार कार्यालय में सन्नाटे का आलम था। यहां साढ़े 12 बजे तक कर्मचारी अपनी कुर्सी पर नहीं पहुंचे थे। कर्मचारियों के न होने से कई लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। जलालपुर के मेवालाल विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी करने आए हुए थे। कर्मचारियों के न होने से वे वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि वे कई चक्कर कार्यालय का लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसी प्रकार कटेहरी से आए मनीष सिंह को भी मायूसी ही हाथ लगी। कहा कि कर्मचारियों की मनमानी के चलते योजनाओं का समुचित लाभ पात्रों को नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-3ः विकलांग कल्याण कार्यालय,1ः05 बजे
विकलांग कल्याण कर्मचारी कार्यालय तो खुला था, लेकिन कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी थीं। यहां देखकर लग ही नहीं रहा था कि यहां कोई कार्य भी होता है। आलापुर से आए बांगुर प्रसाद ने बताया कि उसे यहां आए दो घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक न तो अधिकारी के दर्शन हुए और न ही कर्मचारियों के। पूछने पर बताया कि उसको मिले निशक्त प्रमाणपत्र में नाम गलत छप गया है। इसे ठीक कराने के लिए वह तीन दिनों से दौड़ रहा है, लेकिन कभी अधिकारी नहीं मिलते, तो कभी कर्मचारी नदारद रहते हैं। अकबरपुर की फूलकुमारी ने बताया कि उसकी ट्राई साइकिल कुछ महीने पूर्व टूट गई थी। दूसरी साइकिल के लिए फॉर्म भरकर अधिकारियों के लिए वह एक सप्ताह से चक्कर लगा रही है, लेकिन अभी तक उसका कार्य नहीं हो सका है।

सभी कार्यालयों में समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। बीते दिनों कई बार निरीक्षण किए गए। लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन भी कटा। आगे फिर अभियान चलेगा और अब कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। - मनमोहन चौधरी, अपर जिलाधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed