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अंग्रेजी, भौतिक व रसायन विज्ञान की कक्षाएं ठप
AmbedkarNagar
Updated Tue, 01 Oct 2013 05:37 AM IST
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आलापुर। तहसील क्षेत्र में स्थापित पंडित रामलखन शुक्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मौजूदा समय में कई अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। दो माह से प्राचार्य का पद खाली रहने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं अंग्रेजी, भौतिक व रसायन विज्ञान के शिक्षक के पद भी रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते इन विषयों की कक्षाएं भी ठप हैं। इसका खामियाजा कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
लगभग एक दशक पूर्व महाविद्यालय की स्थापना के समय आलापुर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उनके बच्चों को स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के महाविद्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सर्वाधिक खुशी इस बात को लेकर भी थी कि बालिकाओं की पढ़ाई के लिए अब कठिनाई नहीं होगी। राजकीय महाविद्यालय होने के चलते शुल्क भी काफी कम लगेगा। महाविद्यालय की दशा तो स्थापना के कुछ वर्षों तक ठीकठाक चली। लेकिन समय बीतने के साथ छात्र-छात्राओं का इस महाविद्यालय से मोह भंग होना शुरू हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि महाविद्यालय में सभी विषयों के सापेक्ष शिक्षक ही मौजूद नहीं है। यहां पर प्राचार्य के पद के अलावा 17 शिक्षकों के पद सृजित हैं। प्राचार्य का पद दो माह से रिक्त चल रहा है। शिक्षकों की संख्या भी 17 के सापेक्ष 13 ही है। अंग्रेजी विषय के दोनों शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े है। इससे विभिन्न कक्षाओं में अंग्रेजी विषय लेने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। भौतिक व रसायन विज्ञान के शिक्षकों के पद भी दो माह से रिक्त चल रहे हैं।
बीए के छात्र संतोष यादव व प्रदीप कुमार ने बताया कि शिक्षकों के न होने से कई छात्र-छात्राएं यहां से अपना नाम कटवा चुके हैं। दो माह से प्राचार्य का पद रिक्त होने से यहां कार्यरत शिक्षकों का वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। इससे शिक्षक आर्थिक व मानसिक दोनों रूप से परेशान हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार राजकीय महाविद्यालय खलीलाबाद के डॉ. श्यामनरायण सिंह को यहां प्राचार्य के पद पर तैनात किया गया है, लेकिन वे चार्ज लेने ही नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में महाविद्यालय के डॉ. एसएन वर्मा कार्यभार संभाल रहे हैं। बताया कि दो माह से स्थायी प्राचार्य न होने से शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन रुका है।
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लगभग एक दशक पूर्व महाविद्यालय की स्थापना के समय आलापुर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उनके बच्चों को स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के महाविद्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सर्वाधिक खुशी इस बात को लेकर भी थी कि बालिकाओं की पढ़ाई के लिए अब कठिनाई नहीं होगी। राजकीय महाविद्यालय होने के चलते शुल्क भी काफी कम लगेगा। महाविद्यालय की दशा तो स्थापना के कुछ वर्षों तक ठीकठाक चली। लेकिन समय बीतने के साथ छात्र-छात्राओं का इस महाविद्यालय से मोह भंग होना शुरू हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि महाविद्यालय में सभी विषयों के सापेक्ष शिक्षक ही मौजूद नहीं है। यहां पर प्राचार्य के पद के अलावा 17 शिक्षकों के पद सृजित हैं। प्राचार्य का पद दो माह से रिक्त चल रहा है। शिक्षकों की संख्या भी 17 के सापेक्ष 13 ही है। अंग्रेजी विषय के दोनों शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े है। इससे विभिन्न कक्षाओं में अंग्रेजी विषय लेने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। भौतिक व रसायन विज्ञान के शिक्षकों के पद भी दो माह से रिक्त चल रहे हैं।
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बीए के छात्र संतोष यादव व प्रदीप कुमार ने बताया कि शिक्षकों के न होने से कई छात्र-छात्राएं यहां से अपना नाम कटवा चुके हैं। दो माह से प्राचार्य का पद रिक्त होने से यहां कार्यरत शिक्षकों का वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। इससे शिक्षक आर्थिक व मानसिक दोनों रूप से परेशान हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार राजकीय महाविद्यालय खलीलाबाद के डॉ. श्यामनरायण सिंह को यहां प्राचार्य के पद पर तैनात किया गया है, लेकिन वे चार्ज लेने ही नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में महाविद्यालय के डॉ. एसएन वर्मा कार्यभार संभाल रहे हैं। बताया कि दो माह से स्थायी प्राचार्य न होने से शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन रुका है।
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