{"_id":"149-46780","slug":"AmbedkarNagar-46780-149","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम पर लौटे नायब तहसीलदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम पर लौटे नायब तहसीलदार
AmbedkarNagar
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
आलापुर। विधायक से विवाद के बाद अपना सीयूजी मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हुए नायब तहसीलदार शुक्रवार को काम पर वापस लौट आए। उन्होंने सामान्य ढंग से अपना काम काज निपटाया। इस बीच विधायक लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं। बताया जाता है कि उन्हें मुख्यमंत्री ने तलब कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि चार दिन पूर्व आलापुर तहसील में कार्यरत नायब तहसीलदार बैजनाथ मौर्य ने सपा विधायक भीमप्रसाद सोनकर पर हाथ पैर तुड़वा देने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया था। यह मामला तब से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार पर कार्रवाई का दबाव बना रखा है। हालांकि सीधे तौर पर अभी तक तो कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन इस प्रकरण को मीडिया तक ले जाने के आरोप में नायब तहसीलदार के आचरण की जांच जरूर जिला प्रशासन ने बिठा दी है। उधर घटना के बाद सपाइयों द्वारा बनाए जा रहे दबाव को देखते हुए नायब तहसीलदार अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर भूमिगत हो गए थे। इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं भी होने लगी थीं। हालांकि आशंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए वे शुक्रवार को जिला मुख्यालय से तहसील पहुंचे और अपनी कुर्सी पर बैठकर सामान्य ढंग से कामकाज निपटाया। इस दौरान उनसे तमाम अधिवक्ताओं व कर्मचारियों ने मुलाकात की और समर्थन का भरोसा दिलाया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि वे सब इस प्रकरण में पूरी तरह उनके साथ हैं। उधर विधायक भीमप्रसाद सोनकर शुक्रवार दोपहर बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बताया जाता है कि वे एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। वहीं लखनऊ से आए फोन के बाद अचानक हुई रवानगी को लेकर चर्चा है कि उन्हें मुख्यमंत्री ने तलब किया है। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि चार दिन पूर्व आलापुर तहसील में कार्यरत नायब तहसीलदार बैजनाथ मौर्य ने सपा विधायक भीमप्रसाद सोनकर पर हाथ पैर तुड़वा देने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया था। यह मामला तब से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार पर कार्रवाई का दबाव बना रखा है। हालांकि सीधे तौर पर अभी तक तो कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन इस प्रकरण को मीडिया तक ले जाने के आरोप में नायब तहसीलदार के आचरण की जांच जरूर जिला प्रशासन ने बिठा दी है। उधर घटना के बाद सपाइयों द्वारा बनाए जा रहे दबाव को देखते हुए नायब तहसीलदार अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर भूमिगत हो गए थे। इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं भी होने लगी थीं। हालांकि आशंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए वे शुक्रवार को जिला मुख्यालय से तहसील पहुंचे और अपनी कुर्सी पर बैठकर सामान्य ढंग से कामकाज निपटाया। इस दौरान उनसे तमाम अधिवक्ताओं व कर्मचारियों ने मुलाकात की और समर्थन का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने कहा कि वे सब इस प्रकरण में पूरी तरह उनके साथ हैं। उधर विधायक भीमप्रसाद सोनकर शुक्रवार दोपहर बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बताया जाता है कि वे एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। वहीं लखनऊ से आए फोन के बाद अचानक हुई रवानगी को लेकर चर्चा है कि उन्हें मुख्यमंत्री ने तलब किया है। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है।
विज्ञापन