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50 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को जल्द ही मिलेगा अपना भवन
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अंबेडकरनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किराए के भवन में संचालित 100 स्वास्थ्य उपकेंद्रों की तुलना में 50 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को शीघ्र ही अपना भवन मिलेगा। इसके लिए 15वें वित्त के तहत मिलने वाली 15.21 करोड़ की धनराशि से 50 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण होगा।
करीब साढ़े बीस लाख की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लैकफेड को सौंपी गई है। भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके, इसके लिए 40 केंद्र के निर्माण के लिए भूमि को चिह्नित करने का कार्य भी पूरा हो गया है। बचे हुए 10 केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भी भूमि की खोज जल्दी पूरी होगी। इन भवनों के निर्माण कार्य से लगभग ढाई लाख की आबादी को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया हो सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल तक की दौड़ न लगाना पड़े, इसके लिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 270 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। इसमें 170 स्वास्थ्य उपकेंद्र अपने भवन में संचालित हैं, जबकि 100 उपकेंद्र बीते लंबे समय से किराए के भवन में चल रहे हैं। किराए के भवन में स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन के कारण संबंधित क्षेत्र के मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लंबे समय से किराए के भवन में संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्रों को अब अपना भवन उपलब्ध कराया जाएगा।
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बीते दिनों ही शासन ने किराए के भवन में संचालित 50 उपकेंद्रों के भवन निर्माण के लिए संस्तुति प्रदान करते हुए 30.42 लाख की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक उपकेंद्र के लिए कुल 15.21 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत की है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लैकफेड को सौंपी गई है। अब तक 40 उपकेंद्र के लिए भूमि का चिह्नांकन हो चुका है। शेष 10 के चिह्नांकन का कार्य चल रहा है।
जल्द होगा उपकेंद्रों का निर्माण
50 उपकेंद्र के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। 40 भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चिह्नांकन किया जा चुका है, शेष उपकेंद्र की भूमि का चिह्नांकन भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
विजयपाल सिंह, सहायक अभियंता स्वास्थ्य
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करीब साढ़े बीस लाख की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लैकफेड को सौंपी गई है। भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके, इसके लिए 40 केंद्र के निर्माण के लिए भूमि को चिह्नित करने का कार्य भी पूरा हो गया है। बचे हुए 10 केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भी भूमि की खोज जल्दी पूरी होगी। इन भवनों के निर्माण कार्य से लगभग ढाई लाख की आबादी को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया हो सकेगी।
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ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल तक की दौड़ न लगाना पड़े, इसके लिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 270 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। इसमें 170 स्वास्थ्य उपकेंद्र अपने भवन में संचालित हैं, जबकि 100 उपकेंद्र बीते लंबे समय से किराए के भवन में चल रहे हैं। किराए के भवन में स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन के कारण संबंधित क्षेत्र के मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लंबे समय से किराए के भवन में संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्रों को अब अपना भवन उपलब्ध कराया जाएगा।
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बीते दिनों ही शासन ने किराए के भवन में संचालित 50 उपकेंद्रों के भवन निर्माण के लिए संस्तुति प्रदान करते हुए 30.42 लाख की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक उपकेंद्र के लिए कुल 15.21 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत की है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लैकफेड को सौंपी गई है। अब तक 40 उपकेंद्र के लिए भूमि का चिह्नांकन हो चुका है। शेष 10 के चिह्नांकन का कार्य चल रहा है।
जल्द होगा उपकेंद्रों का निर्माण
50 उपकेंद्र के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। 40 भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चिह्नांकन किया जा चुका है, शेष उपकेंद्र की भूमि का चिह्नांकन भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
विजयपाल सिंह, सहायक अभियंता स्वास्थ्य