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आर्थिक संकट से जूझ रहे 4982 रसोइये

Tue, 26 Oct 2021 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 11:51 PM IST
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4982 chefs facing financial crisis
अंबेडकरनगर। छात्र-छात्राओं के आगे खाना परोसने वाले जिले के 1582 परिषदीय विद्यालयों में तैनात 4982 रसोइयों के समक्ष अपने बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। इसका कारण यह है कि इन रसोइया मजदूरों को पिछले पांच माह का मानदेय नहीं मिल सका है। इसके लिए कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि रसोइया मजदूर आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे हैं। मानदेय न मिलने से संबंधित रसोइया मजदूरों की दीपावली फीकी पड़ सकती है।
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात रसोइया मजदूर मौजूदा समय में आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की सुध जिम्मेदारों की ओर से नहीं ली जा रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 1582 परिषदीय विद्यालयों में 4 हजार 982 रसोइया मजदूर तैनात हैं। इन रसोइया मजदूरों को प्रति माह मानदेय के रूप में 1500 रुपये मिलते हैं। कड़ी मेहनत कर नौनिहालों के समक्ष भोजन परोसने वाले रसोइया मजदूरों के समक्ष मौजूदा समय में अपने बच्चों के समक्ष खाना उपलब्ध कराने का संकट खड़ा हो गया है। दरअसल उन्हें अप्रैल के साथ ही जुलाई से अक्तूबर तक का मानदेय अब तक नहीं मिल सका है। मानदेय भुगतान के लिए रसोइया मजदूरों की ओर से समय-समय पर आवाज बुलंद भी की जाती है, लेकिन जिम्मेदार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इसका खामियाजा रसोइया मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
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अकबरपुर स्थित स्कूल के रसोइया मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एक तो लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए मिलने वाला मानदेय ही कम है, उस पर से समय पर मानदेय भुगतान भी नहीं होता है। बीते पांच माह का मानदेय नहीं अभी तक मिल सका है। इससे रसोइया मजदूरों के समक्ष को मुश्किलें हो रही हैं।
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तो फीका रहेगा दीप पर्व का उल्लास
बीते पांच माह से मानदेय न मिलने पर इस बार रसोइया मजदूरों के लिए दीप पर्व का उल्लास फीका हो सकता है। रसोइया सुशीला, चंपा व कृष्णावती ने कहा कि पांच माह बीत गए, लेकिन मानदेय नहीं मिल सका है। इसके लिए कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यदि दीप पर्व से पहले मानदेय का भुगतान नहीं हुआ, तो उनके परिवार के लिए इस बार की दीपावली पर्व का उल्लास फीका पड़ जाएगा। रसोइया गीता व शकुंतला ने कहा कि दीप पर्व को देखते हुए अविलंब मानदेय का भुगतान किया जाए।

शासन को भेजा गया पत्र
रसोइया मजदूरों के मानदेय भुगतान के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मानदेय भुगतान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शासन से धनराशि उपलब्ध होते ही रसोइया मजदूरों के खाते में मानदेय भेज दिया जाएगा।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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