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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 29 हजार वाद
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 10:30 PM IST
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यहां विशेष अदालत में 29435 वादों का निस्तारण किया गया। इससे लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित हुए। राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार सुबह जिला जज डा. गोकुलेश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से वर्षों से लंबित चल रहे वादों का निस्तारण होता है।
इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। कहा कि यह सब के सहयोग का ही नतीजा है कि मेगा लोकअदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण किया जाता है। इस प्रकार की अदालत से उन लोगों को काफी राहत मिलती है, जो लंबे समय से अपने मुकदमों के निस्तारण के लिए कोर्ट का चक्कर लगा रहे है।
इसके बाद न्यायालय परिसर में लगी अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण का कार्य प्रारंभ हुआ। अपराह्न तक चले कार्यक्रम में 29435 वादों का निस्तारण किया गया। इससे लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित हुए। कटेहरी से आए रामसजीवन, मुस्तफा व हरिकेश ने बताया कि उनका भूमि विवाद का मामला था, जो लंबे समय से चल रहा था। आपसी सुलह समझौते के बाद मामला समाप्त हो गया।
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अकबरपुर के रामसमुझ ने बताया कि उनका नाली का विवाद था। विगत पांच वर्ष से लंबित था। लोक अदालत में मामला निपटने के बाद उन्होंने काफी राहत की सांस ली है।
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इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। कहा कि यह सब के सहयोग का ही नतीजा है कि मेगा लोकअदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण किया जाता है। इस प्रकार की अदालत से उन लोगों को काफी राहत मिलती है, जो लंबे समय से अपने मुकदमों के निस्तारण के लिए कोर्ट का चक्कर लगा रहे है।
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इसके बाद न्यायालय परिसर में लगी अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण का कार्य प्रारंभ हुआ। अपराह्न तक चले कार्यक्रम में 29435 वादों का निस्तारण किया गया। इससे लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित हुए। कटेहरी से आए रामसजीवन, मुस्तफा व हरिकेश ने बताया कि उनका भूमि विवाद का मामला था, जो लंबे समय से चल रहा था। आपसी सुलह समझौते के बाद मामला समाप्त हो गया।
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अकबरपुर के रामसमुझ ने बताया कि उनका नाली का विवाद था। विगत पांच वर्ष से लंबित था। लोक अदालत में मामला निपटने के बाद उन्होंने काफी राहत की सांस ली है।