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Ambedkar Nagar News: स्वच्छता व नवाचार में 22 पंचायतें बनीं मॉडल, अब पुरस्कार की दौड़ में

Thu, 30 Oct 2025 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Thu, 30 Oct 2025 11:52 PM IST
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22 Panchayats have become models in cleanliness and innovation, now in the race for awards.
अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत अंबेडकरनगर जिले की ग्राम पंचायतें अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली और नवाचार आधारित विकास दृष्टिकोण के दम पर राज्य स्तर पर पहचान बनाने की ओर बढ़ रही हैं। जिले की 22 ग्राम पंचायतें चयन की अंतिम सूची में शामिल की गई हैं। इन पंचायतों का स्थलीय सत्यापन जिला स्तरीय समिति द्वारा जारी है। सत्यापन के बाद सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली पांच पंचायतों को शासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
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पुरस्कार चयन के लिए शासन ने छह प्रमुख मानक तय किए हैं। स्च्छता प्रबंधन, ग्राम सभा की सक्रियता, निजी स्रोतों से आय सृजन, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल पारदर्शिता और नवाचार आधारित विकास। इन्हीं बिंदुओं पर पंचायतों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया जा रहा है। अगस्त और सितंबर माह के दौरान नौ ब्लॉकोंं अकबरपुर, कटेहरी, भीटी, भियांव, बसखारी, जहांगीरगंज, रामनगर, जलालपुर और टांडा की 899 ग्राम पंचायतों में से 200 पंचायतों ने आवेदन किया था। निर्धारित मानकों पर अंकन के बाद शीर्ष 22 पंचायतों का चयन किया गया। जिला पंचायतराज अधिकारी सर्वेश पांडेय ने बताया कि जिला समिति की ओर से अंकन कार्य अंतिम चरण में है। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली सात पंचायतों के नाम निदेशालय को भेजे जाएंगे, जहां से पांच पंचायतों का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
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पुरस्कार राशि से बदलेगा गांवों का स्वरूप
पुरस्कार के रूप में शासन द्वारा प्रथम स्थान को 35 लाख, द्वितीय को 30 लाख, तृतीय को 20 लाख, चतुर्थ को 15 लाख और पांचवें स्थान की पंचायत को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह राशि न केवल विकास कार्यों को गति देगी, बल्कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त भी बनाएगी। पंचायतें इस धनराशि से बारात घर, सद्भावना मंडप, पंचायत भवन विस्तार, सामुदायिक केंद्र, बाजार शेड, सड़क और नाली निर्माण जैसे स्थायी ढांचागत कार्य करेंगी। इन निर्माणों से प्राप्त किराया एवं उपयोग शुल्क पंचायतों की स्थायी आय का स्रोत बनेगा, जिससे रखरखाव और भावी योजनाओं को दीर्घकालिक आधार मिलेगा।
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