{"_id":"5d053e438ebc3e20a265ecb1","slug":"156062469510-ambedkar-nagar-news54","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौजूदा मौसम में तनिक सी लापरवाही पड़ेगी स्वास्थ्य पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौजूदा मौसम में तनिक सी लापरवाही पड़ेगी स्वास्थ्य पर भारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। गर्मी के दिनों में स्वास्थ्य की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जागरूकता के आधार पर ही भीषण गर्मी से बचाव किया जा सकता है। ये बातें शनिवार को अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे आशा बहुओं के विशेष प्रशिक्षण में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एनसीराम ने कहीं।
प्रशिक्षक ने कहा कि आशा बहुएं की जिम्मेदारी है कि घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएं ताकि गर्मी में संक्रामक रोगों से बचा जा सके। लोगों को बताएं कि धूप से बचाव की सख्त जरूरत है। बाहर निकलते समय सिर को सफेद कपड़े से ढंककर निकलें। इसके अलावा लू व धूप का प्रभाव कम करने के लिए मौसमी फलों का सेवन करना बेहद जरूरी है। फल के सेवन से डिहाइड्रेशन की समस्या का खतरा काफी कम हो जाता है। साथ ही पानी का सेवन गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए बेहतर साधन है।
इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीने से भी लू नहीं लगती है। यदि उल्टी-दस्त शुरू हो जाए तो प्राथमिक उपचार के लिए नमक-चीनी का घोल लें। यह न सिर्फ शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल करता है। प्रशिक्षक शाहिद कमर व प्रतिभा पाल ने कहा कि ऐसे मौसम में डायरिया तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इस दौरान पूरी तरह से पका व ताजा भोजन ही करें। दिनभर में कम से कम 10 गिलास पानी पीना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशिक्षक ने कहा कि आशा बहुएं की जिम्मेदारी है कि घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएं ताकि गर्मी में संक्रामक रोगों से बचा जा सके। लोगों को बताएं कि धूप से बचाव की सख्त जरूरत है। बाहर निकलते समय सिर को सफेद कपड़े से ढंककर निकलें। इसके अलावा लू व धूप का प्रभाव कम करने के लिए मौसमी फलों का सेवन करना बेहद जरूरी है। फल के सेवन से डिहाइड्रेशन की समस्या का खतरा काफी कम हो जाता है। साथ ही पानी का सेवन गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए बेहतर साधन है।
विज्ञापन
इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीने से भी लू नहीं लगती है। यदि उल्टी-दस्त शुरू हो जाए तो प्राथमिक उपचार के लिए नमक-चीनी का घोल लें। यह न सिर्फ शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल करता है। प्रशिक्षक शाहिद कमर व प्रतिभा पाल ने कहा कि ऐसे मौसम में डायरिया तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इस दौरान पूरी तरह से पका व ताजा भोजन ही करें। दिनभर में कम से कम 10 गिलास पानी पीना चाहिए।
विज्ञापन