{"_id":"5ce6dd29bdec22073c2c888e","slug":"155863382017-ambedkar-nagar-news54","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामशिरोमणि के तौर पर जिले को मिला एक और सांसद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामशिरोमणि के तौर पर जिले को मिला एक और सांसद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। संसदीय सीट अंबेडकरनगर से बसपा प्रत्याशी रितेश पाण्डेय की जीत के साथ ही जिले को एक और सांसद रामशिरोमणि वर्मा के रूप में मिला है। अकबरपुर नगर निवासी रामशिरोमणि ने श्रावस्ती से बसपा, सपा व रालोद गठबंधन के टिकट पर जीत हासिल कर देश के सबसे बड़े सदन तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
जिला मुख्यालय के संघतिया निवासी वरिष्ठ बसपा नेता रामशिरोमणि वर्मा के रूप में जिले को एक और सांसद गुरुवार को नसीब हुआ। रामशिरोमणि का राजनीतिक सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। लंबे समय से बसपा की राजनीति में सक्रिय रहे रामशिरोमणि सबसे पहले कटेहरी से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए। इसके साथ ही उनका कद धीरे धीरे जिले की राजनीति के साथ ही पार्टी में बढने लगा। बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टांडा विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी घोषित किया।
उन्होंने प्रचार प्रसार शुरू किया, लेकिन अंतिम दौर में उनका टिकट काटकर उनके स्थान पर मनोज वर्मा को प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद हुए नगर निकाय चुनाव में अकबरपुर नगर पालिका परिषद से अध्यक्ष पद पर बसपा का समर्थन मिला। हालांकि इसमें उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
इस बीच लोकसभा चुनाव करीब आया, तो उन्हें श्रावस्ती से बसपा, सपा, रालोद गठबंधन से टिकट दिया गया। रामशिरोमणि ने श्रावस्ती पहुंचकर प्रचार प्रसार अभियान शुरू कर दिया। टिकट मिलने के लगभग एक माह बाद अचानक उनका टिकट काट दिए जाने की खबर वायरल हो गई।
इससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। कड़े विरोध के बीच उन्हें श्रावस्ती से हरी झंडी मिल गई। रामशिरोमणि ने श्रावस्ती में डेरा डाले रहते हुए बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती का कार्य किया। उनकी मेहनत रंग लाई। देश में भाजपा की लहर के बावजूद उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी को पराजित कर सदन में पहुंचने की सफलता हासिल की। दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि 4 लाख 35 हजार 232 मत पाकर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दद्दन मिश्र को 7 हजार 714 मत से पराजित किया।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय के संघतिया निवासी वरिष्ठ बसपा नेता रामशिरोमणि वर्मा के रूप में जिले को एक और सांसद गुरुवार को नसीब हुआ। रामशिरोमणि का राजनीतिक सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। लंबे समय से बसपा की राजनीति में सक्रिय रहे रामशिरोमणि सबसे पहले कटेहरी से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए। इसके साथ ही उनका कद धीरे धीरे जिले की राजनीति के साथ ही पार्टी में बढने लगा। बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टांडा विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी घोषित किया।
विज्ञापन
उन्होंने प्रचार प्रसार शुरू किया, लेकिन अंतिम दौर में उनका टिकट काटकर उनके स्थान पर मनोज वर्मा को प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद हुए नगर निकाय चुनाव में अकबरपुर नगर पालिका परिषद से अध्यक्ष पद पर बसपा का समर्थन मिला। हालांकि इसमें उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
इस बीच लोकसभा चुनाव करीब आया, तो उन्हें श्रावस्ती से बसपा, सपा, रालोद गठबंधन से टिकट दिया गया। रामशिरोमणि ने श्रावस्ती पहुंचकर प्रचार प्रसार अभियान शुरू कर दिया। टिकट मिलने के लगभग एक माह बाद अचानक उनका टिकट काट दिए जाने की खबर वायरल हो गई।
इससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। कड़े विरोध के बीच उन्हें श्रावस्ती से हरी झंडी मिल गई। रामशिरोमणि ने श्रावस्ती में डेरा डाले रहते हुए बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती का कार्य किया। उनकी मेहनत रंग लाई। देश में भाजपा की लहर के बावजूद उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी को पराजित कर सदन में पहुंचने की सफलता हासिल की। दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि 4 लाख 35 हजार 232 मत पाकर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दद्दन मिश्र को 7 हजार 714 मत से पराजित किया।