फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   मेडिकल कॉलेज में 2 वर्ष से ठप है अल्ट्रासाउंड व एमआरआई जांच

मेडिकल कॉलेज में 2 वर्ष से ठप है अल्ट्रासाउंड व एमआरआई जांच

Tue, 26 Mar 2019 10:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Mar 2019 10:30 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में 2 वर्ष से ठप है अल्ट्रासाउंड व  एमआरआई जांच
अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में दो वर्ष से अल्ट्रासाउंड व एमआरआई जांच जैसी सुविधा लगभग ठप पड़ी है। गंभीर हालत में भर्ती होने वाले मरीजों की जांच यदाकदा चिकित्सक कर लेते हैं, लेकिन आमतौर पर रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते इन मशीनों का संचालन प्राय: ठप पड़ा रहता है। नतीजा यह है कि प्रतिदिन लगभग 200 मरीजों को एमआरआई के लिए जहां अयोध्या व लखनऊ तक की दौड़ लगानी पड़ती है, वहीं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए उन्हें पैथॉलोजी सेंटर में अधिक राशि खर्च करने को मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन



राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मरीजों व उनके तीमारदारों को समुचित सुविधा नहीं उपलब्ध हो पा रही है। न तो उनका समुचित इलाज हो पा रहा और न ही विभिन्न प्रकार की जांच की समुचित व्यवस्था है। वर्ष 2011 में मरीजों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड मशीन की स्थापना की गई।
विज्ञापन



संविदा रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे वर्ष 2017 तक तो इसका लाभ मरीजों को मिला, लेकिन उनके अन्यत्र चले जाने से मशीन का संचालन ठप हो गया है। अब तक इसके संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की जा सकी है। इसी प्रकार वर्ष 2017 में लाखों रुपये खर्च कर एमआरआई मशीन की भी स्थापना मेडिकल कॉलेज में कराई गई, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन



नतीजा यह है कि लगभग दो वर्ष से अल्ट्रासाउंड व एमआरआई जांच का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। अपवाद के तौर पर उन मरीजों की जांच जरूर चिकित्सक कर लेते हैं, जो यहां भर्ती होते हैं और जिनके लिए चिकित्सक ऐसा करने को तैयार हो जाते हैं। इसके इतर सामान्य किस्म के मरीजों की जांच यहां संभव नहीं हो पा रही है।


इसके चलते प्रतिदिन लगभग 200 मरीजों को जांच के लिए अधिक राशि खर्च करने को मजबूर होना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या एमआरआई जांच कराने वाले मरीजों के समक्ष होती है। दरअसल एमआरआई जांच की सुविधा जिले में ही नहीं है। इसके चलते उन्हें अयोध्या या फिर लखनऊ तक की दौड़ लगानी पड़ती है।


उपलब्ध कराई जाएं सुविधाएं
अल्ट्रासाउंड के लिए आए मेडिकल कॉलेज से बाहर निकल रहे मीरानपुर के मोहम्मद हलीम व केदारनगर के ऋषि वर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन की स्थापना से मरीजों को लाभ मिलने वाला नहीं है, उसका संचालन आवश्यक है। टांडा के तीमारदार नईम व प्रकाश राय ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में न तो अल्ट्रासाउंड की समुचित व्यवस्था है और न ही एमआरआई जांच की। सीटी स्कैन का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी होती हैं। लोगों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।



शासन को भेजा गया है पत्र
अल्ट्रासाउंड व एमआरआई समेत अन्य अत्याधुनिक मशीनों के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत होती है। मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। मशीनों के सुचारु संचालन व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
- डॉ. आरआर यादव, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed